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खामेनेई के बेटे मोजतबा को चुना गया ईरान का सुप्रीम लीडर, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लगाई मुहर

Published: Wed, 04 Mar 2026 07:18 AM (GMT+05:30)

ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने बुधवार को पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है।

HighLights

  1. मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं

  2. मोजतबा का चयन शक्तिशाली ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के दबाव में किया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने बुधवार को पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश कानया सर्वोच्च नेता चुन लिया है। यह फैसला अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद उठे उत्तराधिकार के संकट के बीच आया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चयन शक्तिशाली ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के दबाव में किया गया है।

बैठक में लिया फैसला

ईरान इंटरनेशनल की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह चयन शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के दबाव में किया गया। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान युद्ध स्थिति के कारण विशेषज्ञ सभा की पूर्ण बैठक संभव नहीं हो पाई, इसलिए फैसला आभासी बैठकों और आंतरिक परामर्श के जरिए लिया गया।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कथित तौर पर कट्टरपंथी गुटों को एकजुट कर मोजतबा के पक्ष में दबाव बनाया, क्योंकि वे उनके पिता के करीबी सहयोगी रहे हैं और सुरक्षा तंत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई

मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं और लंबे समय से पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका निभाते आए हैं। वे IRGC और बसिज मिलिशिया से गहरे जुड़े हुए माने जाते हैं।

हालांकि, इस नियुक्ति पर विवाद है क्योंकि ईरान की इस्लामी क्रांति की मूल भावना में वंशानुगत उत्तराधिकार को खारिज किया जाता है, और कई कट्टरपंथी भी इसे "राजशाही जैसा" मानकर विरोध कर सकते हैं।

मोजतबा की धार्मिक योग्यता (हुज्जतुल इस्लाम रैंक) को भी सर्वोच्च नेता के पद के लिए अपर्याप्त माना जा रहा है, लेकिन आईआरजीसी के समर्थन ने इसे मुमकिन बना दिया।

अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हवाई हमले में हो गई थी

अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों में हुई थी, जिसके बाद तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद (राष्ट्रपति, न्यायाधीश और गार्जियन काउंसिल के ज्यूरिस्ट) ने अस्थायी रूप से सत्ता संभाली थी। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा था कि नया नेता जल्द चुना जा सकता है। अब मोजतबा की नियुक्ति से ईरान में कट्टरपंथी ताकतों का और मजबूत होना तय माना जा रहा है, खासकर जारी युद्ध के बीच।