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'लाखों लड़ाके तैयार': तेहरान की चेतावनी- अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो 'नरक' बना देंगे

Published: Thu, 26 Mar 2026 11:29 PM (IST)Updated: Fri, 27 Mar 2026 02:02 AM (IST)

ईरान ने दावा किया कि उसके दस लाख से अधिक लड़ाके तैयार हैं। वहीं, तेहरान में जोरदार विस्फोटों की आवाजें ...और पढ़ें

इजरायली हमले तेज; ईरान बोला- 'हमारे लाखों लड़ाके तैयार' (फोटो- रॉयटर)

इजरायली हमले तेज; ईरान बोला- 'हमारे लाखों लड़ाके तैयार' (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमला किया

  2. इजरायल ने एक वरिष्ठ ईरानी नौसेना कमांडर को मार गिराने का दावा किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध अब भयानक होता जा रहा है। ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरानी धरती पर जमीनी आक्रमण शुरू करता है तो उसे ऐतिहासिक तबाही का सामना करना पड़ेगा।

एक ईरानी सैन्य सूत्र ने तसनीम समाचार एजेंसी को बताया कि दक्षिणी मोर्चे पर संभावित अमेरिकी हमले की अटकलों ने ईरानी लड़ाकों में भारी उत्साह पैदा कर दिया है।

सूत्र के अनुसार, दस लाख से अधिक लड़ाके तैयार हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा बासिज, आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) और नियमित सेना के सदस्य शामिल हैं।

तेहरान में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं

गुरुवार की रात तेहरान में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। एएफपी के अनुसार, युद्धक विमानों के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तीन तेज धमाके हुए। ये धमाके बारिश के बीच हुए, जिससे तुरंत यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इजरायल ने हाल ही में एक वरिष्ठ ईरानी नौसेना कमांडर को मार गिराने का दावा किया है और अब ईरान में और अधिक व्यापक हमलों की योजना की घोषणा की है। इजरायली सेना का कहना है कि वह ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए सैकड़ों हमले कर चुकी है।

अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को आत्मघाती रणनीति से खोलना चाहता है

सूत्र ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को आत्मघाती रणनीति से खोलना चाहता है। हम उनकी रणनीति का जवाब देने और जलडमरूमध्य को बंद रखने, दोनों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

28 फरवरी को इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ कमांडरों की हत्या के बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया। व्यापक हवाई हमलों में सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे हताहतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमला किया है।