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होर्मुज में घटेगी ईरान की ताकत, जहाजों पर स्वैच्छिक शुल्क; ओमान ने दिया प्रस्ताव

Published: Wed, 29 Jul 2026 05:45 AM (IST)

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय टकराव कम ...और पढ़ें

होर्मुज में घटेगी ईरान की ताकत, जहाजों पर स्वैच्छिक शुल्क

होर्मुज में घटेगी ईरान की ताकत, जहाजों पर स्वैच्छिक शुल्क

HighLights

  1. प्रस्ताव में मलक्का जलडमरूमध्य जैसी व्यवस्था लागू करने पर जोर, कच्चे तेल की कीमत 86 डॉलर से ऊपर

  2. मलक्का में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर में से किसी को भी स्वैच्छिक शुल्क दे सकती हैं जहाज कंपनियां

  3. ट्रंप बोले- बातचीत सफल रही तो शांति, विफल होने पर फिर कार्रवाई, ईरान ने सीधी वार्ता से किया इन्कार

  4. हूती हमले के बाद सऊदी आरामको ने जाजान तेल रिफायनरी बंद की, चार लाख बैरल तेल का रोज होता है उत्पादन

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय टकराव कम करने के लिए ओमान ने ईरान के साथ एक नया प्रस्ताव साझा किया है।

प्रस्ताव के अनुसार, जलडमरूमध्य का प्रबंधन ओमान और ईरान मिलकर करें और वहां से गुजरने वाले जहाजों से किसी अनिवार्य टैक्स की बजाय स्वैच्छिक योगदान लिया जाए। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो होर्मुज पर ईरान का एकाधिकार कम हो सकता है और समुद्री व्यापार के लिए अधिक संतुलित व्यवस्था बन सकती है।

रायटर के अनुसार, प्रस्ताव में जहाज संचालकों को यह विकल्प देने की बात कही गई है कि वे स्वैच्छिक शुल्क ओमान या ईरान, किसी भी पक्ष को दे सकते हैं। इस मॉडल को दक्षिण-पूर्व एशिया के मलक्का जलडमरूमध्य की व्यवस्था से प्रेरित बताया जा रहा है, जहां इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खोज-बचाव अभियानों के लिए स्वैच्छिक योगदान प्राप्त करते हैं।

पश्चिमी राजनयिक ने इसकी तुलना उड़ानों के लिए स्वैच्छिक कार्बन टैक्स से की, जिसमें हवाई जहाज का टिकट खरीदने वाला कोई भी व्यक्ति, अगर चाहे तो, अपने उत्सर्जन की भरपाई के लिए भुगतान करने हेतु एक बाक्स पर टिक कर सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल के कारोबार का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।

अमेरिका लंबे समय से इस जलमार्ग पर पूरी तरह स्वतंत्र नौवहन की वकालत करता रहा है। उसका कहना है कि किसी भी देश को होर्मुज पर नियंत्रण या जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं होना चाहिए। दूसरी ओर, ईरान पहले भी कह चुका है कि वह ओमान के साथ मिलकर जलमार्ग के दोनों छोरों का प्रबंधन करना चाहता है।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि वार्ता सफल रहती है तो तनाव कम हो सकता है, लेकिन बातचीत विफल होने पर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपना सकता है।

हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अलग स्रोतों से संदेश मिल रहे हैं। इसे सीधी बातचीत नहीं कहा जा सकता।

तनाव कुछ कम होने के संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई और ब्रेंट क्रूड लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

उधर, कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के विदेश मंत्रियों ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक कर क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा की। सदस्य देशों ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग तेज करने पर भी सहमति जताई।

वहीं, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने ट्रंप के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें हमलों से होने वाले नुकसान की भरपाई ईरान की विदेशों में फ्रीज संपत्तियों से करने की बात कही गई थी। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि किसी देश या कंपनी ने ऐसा भुगतान स्वीकार किया तो उसके जहाजों के होर्मुज से गुजरने पर रोक लगाई जा सकती है।

दूसरी ओर, लाल सागर क्षेत्र में तनाव बरकरार है। एपी के अनुसार, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने रियाद और कई पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हाउती ड्रोन हमलों को विफल कर दिया। वहीं हाउती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और यानबू क्षेत्र को निशाना बनाने का दावा किया है।

सऊदी तेल कंपनी अरामको ने सुरक्षा कारणों से चार लाख बैरल तेल का उत्पादन रोज करने वाली जाजान रिफाइनरी का परिचालन अस्थायी रूप से रोकने की पुष्टि की है। सऊदी अरब ने दावा किया कि इराक में ईरान समर्थित कुर्द बलों ने दो ड्रोन हमले किए हैं। जार्डन ने भी ड्रोन हमलों को विफल करने का दावा किया।