ईरान ने किया एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर मिसाइल अटैक का दावा, अमेरिका ने भी दिया जवाब
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से भारी नुकसान पहुँचाया है।
HighLights
ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया
अमेरिका ने ईरान के दावों को झूठा बताकर सिरे से नकारा
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका तनाव के बीच यह विवाद बढ़ा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान ने शुक्रवार को अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन को भारी नुकसान पहुंचाने का बड़ा दावा किया है, जबकि अमेरिका ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह विवाद मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच सामने आया है।
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नेवी ने दावा किया कि उसके बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों ने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर सटीक हमला किया।
आईआरजीसी का दावा
आईआरजीसी मुख्यालय के बयान के अनुसार, यह हमला ओमान सागर में ईरान की समुद्री सीमा से लगभग 340 किलोमीटर दूर किया गया।
ईरानी मीडिया ने बताया कि हमले के बाद अमेरिकी पोत और उसका स्ट्राइक ग्रुप इलाके से भाग गया। आईआरजीसी ने दावा किया कि पोत अब ऑपरेशनल नहीं रहा। ईरान ने इसे अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन बताया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन दावों को सिरे से नकार दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर पोस्ट किया कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत समुद्र से शक्ति प्रदर्शन जारी रखे हुए है।

CENTCOM ने पोत की एक तस्वीर शेयर की और कहा कि पोत पूरी तरह सक्रिय है और सामान्य अभियान चला रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरानी दावे झूठे हैं और पहले भी ऐसे दावे किए गए थे, जिनमें मिसाइलें पोत के करीब भी नहीं पहुंची थीं।
क्यों खास है अब्राहम लिंकन?
USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) U.S. नेवी का एक निमिट्ज-क्लास, परमाणु-शक्ति से चलने वाला विमान वाहक पोत है, जिसे 1989 में कमीशन किया गया था। यह अपनी क्लास का पांचवां जहाज है। यह Carrier Strike Group 3 के फ्लैगशिप के तौर पर काम करता है। यह पोत 60 से ज्यादा विमान ले जाने में सक्षम है। यह Carrier Air Wing 9 (CVW-9) के साथ तैनात होता है। इस जहाज का नाम U.S. के 16वें राष्ट्रपति के नाम पर रखा गया है। अब्राहम लिंकन अपनी लंबी सेवा के इतिहास के लिए जाना जाता है, जिसमें मिडिल ईस्ट में किए गए ऑपरेशन भी शामिल हैं।

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