कुवैत के मंत्रालय की बिल्डिंग पर ईरान का बड़ा हमला, बिजली और पानी संयंत्र तबाह
ईरान ने कुवैत के शुवैख तेल क्षेत्र में स्थित मंत्रालय के एक कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन से हमला किया, जिससे भीषण ...और पढ़ें
HighLights
ईरान ने कुवैत के तेल क्षेत्र में ड्रोन से हमला किया।
शुवैख कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी, कोई हताहत नहीं।
कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोका।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान ने रविवार को कुवैत के कई इमारतों को निशाना बनाया। कुवैत के वित्त मंत्रालय ने कहा कि तेल क्षेत्र में मौजूद मंत्रालय के एक कॉम्प्लेक्स पर हमले किए गए है। यह हमला ईरानी आक्रामकता को दिखाता है। उन्होंने ड्रोन से हमले किए। जिसके कारण काफी नुकसान हुआ है।
हमले का एक वीडियो भी साझा किया गया है, इसमें शुवैख तेल क्षेत्र में मौजूद कॉम्प्लेक्स का एक हिस्सा जलता हुआ दिखाई दे रहा है। कॉम्प्लेक्स से आग की लपटें उठती हुई दिखाई दे रही हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
वित्त मंत्रालय ने 'X' पर बयान किया जारी
आपातकालीन टीमों और संबंधित अधिकारियों ने इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय ने 'X' पर एक बयान जारी किया है। वहीं, कुवैत की सेना ने बताया कि उसके हवाई रक्षा सिस्टम आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को सक्रिय रूप से रोक रहे हैं, जबकि ईरान, अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में, खाड़ी क्षेत्र में अपना हमला जारी रखे हुए है।
BREAKING: Kuwait’s Ministry of Oil building has been hit in an Iranian attack.
— The Hormuz Letter (@HormuzLetter) April 4, 2026
Large fire reported at the ministry complex in Shuwaikh.
The ministry runs Kuwait’s entire oil sector. Iran is now hitting the buildings that set Gulf oil policy, not just the facilities that produce… pic.twitter.com/OYtFUHb88Y
सेना ने कहा-हमले को रोकने की कोशिश जारी
कुवैत की सेना ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "कुवैत के हवाई रक्षा सिस्टम इस समय दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन से मिल रहे खतरों का जवाब दे रहे हैं।"इसके साथ ही यह भी बताया कि अगर कोई धमाका सुनाई देता है, तो वह हवाई रक्षा सिस्टम द्वारा मिसाइलों को रोकने का ही नतीजा है।
कुवैत समेत खाड़ी के कई देश, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान के हमलों की चपेट में आ गए हैं। ये हमले तब से बढ़कर एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले चुके हैं।
