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'ईरान के कई लीडर्स की मौत', ट्रंप ने किया तेहरान पर स्ट्राइक का दावा; शेयर किया वीडियो

Published: Sun, 05 Apr 2026 07:48 AM (GMT+05:30)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान में एक बड़े हमले में "ईरान के कई सैन्य नेताओं" ...और पढ़ें

HighLights

  1. ट्रंप ने तेहरान में ईरानी सैन्य नेताओं को खत्म करने का दावा किया।

  2. ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए, तनाव बढ़ा।

  3. अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान गिराया गया, क्रू सदस्य लापता।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि "ईरान के कई सैन्य नेताओं" को "खत्म" कर दिया गया है। उन्होंने इसे तेहरान में किया गया एक बड़ा हमला बताया और शहर में हुए धमाकों का वीडियो फुटेज भी साझा किया। हालांकि, उन्होंने इस हमले के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी और न ही इसके लक्ष्यों के बारे में कुछ स्पष्ट किया।

ईरान ने नहीं किया कोई समझौता तो टूटेगा कहर : ट्रंप

ट्रंप ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहा, तो उस पर "कहर टूट पड़ेगा"। जिस पर तेहरान से भी वैसी ही कड़ी प्रतिक्रिया आई थी। ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल ने संघर्ष को और बढ़ाया, तो पूरा इलाका "जहन्नुम" बन जाएगा। वहीं शनिवार को, ईरान ने खाड़ी देशों, इराक और इजराइल को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमलों का एक और दौर शुरू किया था।

 इन हमलों में रोकी गई मिसाइलों के मलबे से नुकसान हुआ। इस बीच, शुक्रवार को दक्षिणी ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद, अमेरिकी और ईरानी सेनाएं एक लापता अमेरिकी क्रू सदस्य की तलाश कर रही हैं। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि एक पायलट को बचा लिया गया है।

अमेरिकी पायलट को खोजने के लिए इनाम की घोषणा

जबकि ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे उस अमेरिकी को "जिंदा" ढूंढ़ें, और उसे पकड़वाने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है। मार गिराए गए विमान के लिए चलाए जा रहे खोज और बचाव अभियान में शामिल एक अमेरिकी A-10 वॉर्थॉग विमान पर भी हमला हुआ और उसे नुकसान पहुंचा, हालांकि उसके पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया।

मालूम हो कि पिछले हफ्ते, ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया था। ताकि ईरान को "कोई समझौता करने" का समय मिल सके। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से हुई थी।

तब से अब तक इसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं, वैश्विक बाजार में तेल के दामों में उछाल है। अहम समुद्री रास्ते बाधित हुए हैं और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। दोनों ही पक्षों ने आम नागरिकों के ठिकानों पर हमले करने की धमकियां दी हैं और हमले किए भी हैं, जिसके चलते संभावित युद्ध अपराधों को लेकर चेतावनियाँ जारी की गई हैं।

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