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होर्मुज में 21 भारतीय नाविकों वाले जहाज पर ईरान का हमला, सामने आया खौफनाक वीडियो

Published: Fri, 21 Aug 2026 09:19 AM (IST)

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण भारतीय नाविकों पर गंभीर संकट आ गया है, जहां हमलों में कई नाविकों की मौत हुई है।

HighLights

  1. होर्मुज में भारतीय नाविकों पर हमलों से बढ़ा खतरा।

  2. ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के खौफनाक वीडियो सामने आए।

  3. भारत सरकार ने नाविकों की तैनाती पर लगाई सख्त रोक।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। वैश्विक समुद्री कार्यबल में 12.2 प्रतिशत की भारी हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय नाविक पर गंभीर संकट खड़ा हो गया हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज को युद्ध क्षेत्र में बदलने के बाद से भारतीय मर्चेंट नेवी इस भू-राजनीतिक संघर्ष की सीधी चपेट में आ गए हैं।

रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल और एलएनजी जहाजरानी के लगभग पांचवें हिस्से का लाइफलाइन है, जिसके चलते इस संकट ने न केवल भारतीय नाविकों की सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को भी खतरे में डाल दिया है।

हमलों में 15 नाविकों की मौत

जून में जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम 15 नाविकों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई भारतीय शामिल थे।

इस बीच, फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने अप्रैल महीने का एक वीडियो जारी किया है, जो इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों के सामने पैदा हुए गंभीर खतरों को उजागर करता है। 22 अप्रैल के इस वीडियो में पानामा के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौकाओं द्वारा घिरे हुए दिखाया गया है।

फुटेज में रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने और भारतीय नाविकों को जान बचाने के लिए जहाज के अंदर छिपते हुए देखा जा सकता है। भारत के नौवहन मंत्रालय के अनुसार, उस जहाज पर सवार सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए थे।

भारत सरकार का सख्त निर्देश

पिछले महीने एक भारतीय की मौत के बाद सरकार ने ईरान के उप-राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद, क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को देखते हुए जहाजरानी महानिदेशालय ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजरों और भर्ती कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे भारतीय नाविकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात न करें।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के अनुसार, इन हमलों ने इस संघर्षग्रस्त इलाके में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों के जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि फारस की खाड़ी में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ये एहतियाती कदम उठाना जरूरी है।

साथ ही जहाजों के कप्तानों को फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के जलक्षेत्र में अत्यधिक सतर्कता बरतने और लगातार नेविगेशनल चेतावनियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

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