विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच फंसे भारतीय यात्री ने बताई आपबीती, संकट के बीच UAE ने कैसे की मदद

Published: Mon, 02 Mar 2026 09:14 AM (IST)Updated: Mon, 02 Mar 2026 11:22 AM (IST)

इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया, जिससे कई उड़ानें रद हो गईं। यूएई ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट खतरे की जद में आ गया है। भारत समेत दुनियाभर की उड़ानें बड़ी संख्या में रद हुई हैं। इस बीच उड़ानें रद होने से यूएई में फंसे भारतीय मूल के तुषार गगेरना ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा किया है।

भारतीय मूल के प्रोफेशनल तुषार गगेरना ने लिंक्डइन पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वे कई घंटों से हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे थे, क्योंकि उनकी दोपहर 1 बजे दिल्ली जाने वाली उड़ान थी। लेकिन विमान में चढ़ने के बाद, यात्रियों को सुबह 3 बजे विमान से उतरने के लिए कहा गया क्योंकि ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर हमला कर दिया था।

tusar gg

जिस वक्त हमला हुआ...

भारतीय मूल के तुषार गगेरना ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, "जिस वक्त ईरान ने यूएई पर हमला किया, उस वक्त विमान में अनिश्चितता का माहौल था। दबी आवाज में बातचीत हो रही थी। फोन समाचार अलर्ट से बज रहे थे। पूरे विमान में अजीब सामूहिक सन्नाटा छाया हुआ था और किसी को ठीक से पता नहीं होता कि क्या करना है।

लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह वाकई काबिले तारीफ है। यूएई ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। विमान से उतरने के कुछ ही समय के भीतर, सभी प्रभावित यात्रियों के लिए एक स्पेशल वेटिंग एरिया बनाया गया। सब कुछ व्यवस्थित, शांत और स्पष्ट था।"

सबसे खास बात यह है कि पर्यटकों के लिए तुरंत आपातकालीन वीजा जारी किए गए, जिससे बिना किसी पूर्व योजना या होटल बुकिंग वाले लोग कानूनी रूप से सुरक्षित रह सके।

यूएई ने दिखाई मानवता

तुषार गगेरना ने लिंक्डइन पर यूएई की तारफी करते हुए लिखा, "जरा इस पर गौर कीजिए। भू-राजनीतिक संकट के बीच, जब हवाई क्षेत्र बंद था और उड़ानें रद थीं - यूएई सक्रिय रूप से यह सुनिश्चित कर रहा था कि जिन आगंतुकों का रुकने का कोई इरादा नहीं था, जिन्होंने कोई होटल बुक नहीं किया था, जो केवल वहां से गुजर रहे थे - वे कानूनी रूप से सुरक्षित, संरक्षित और उनके पास आवश्यक दस्तावेज हों। न अराजकता, न नौकरशाही। बल्कि तत्काल मानवता।"

उन्होंने आगे लिखा कि जहां कई देश ऐसे समय में बिना जानकारी के यात्रियों को छोड़ देते, वहीं यूएई ने निर्णय लिए, सावधानीपूर्वक कदम उठाए, लाउंज तैयार किए, भोजन उपलब्ध कराया और सुरक्षा सुनिश्चित की। पोस्ट के अंत में तुषार ने अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, "अपनी उड़ान का इंतजार कर रहा हूं। सुरक्षित हूं। आभारी हूं। और यहां रहने पर वास्तव में गर्व महसूस कर रहा हूं।"

यह भी पढ़ें- मिडिल-ईस्ट संकट: गाजियाबाद प्रशासन ने ईरान-इराक में फंसे नागरिकों की डीटेल मांगी

यह भी पढ़ें- ईरान पर कब तक हमला करेंगे अमेरिका-इजरायल? डोनल्ड ट्रंप ने बता दी युद्ध की स्ट्रैटेजी