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सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों का हमला, तीन मरे; विमानों का आवागमन बाधित

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:38 AM (IST)

सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हूती लड़ाकों के बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में तीन लोग मारे गए और 36 लोग घायल हुए हैं।

सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों का हमला, तीन मरे (फोटो- रॉयटर)

सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों का हमला, तीन मरे (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. हूती ने अदन के एयरपोर्ट पर भी किया मिसाइल हमला 

  2. बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को लेकर छिड़ी भीषण लड़ाई

  3. विमानों का आवागमन बाधित, यमन में छिड़ी भीषण लड़ाई

एपी, रियाद। सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हूती लड़ाकों के बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में तीन लोग मारे गए और 36 लोग घायल हुए हैं।

पहले हमले में सऊदी अरब की राजधानी के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए हैं। जबकि आभा हवाई अड्डे पर हमले में मोरक्को का एक नागरिक और एक अल्जीरिया का एक नागरिक मारा गया है। इस हवाई अड्डे पर 28 लोग घायल हुए हैं।

सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन विभाग ने हवाई अड्डों पर तीन लोगों के मरने की पुष्टि की है लेकिन उसका कारण नहीं बताया है जबकि हूती ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले का दावा किया है।

रॉयटर के अनुसार यमन में हूती लड़ाकों ने बुधवार को सरकार की राजधानी अदन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हमले के चलते हवाई अड्डे पर विमानों का आवागमन बाधित हुआ है। इस बीच यमन की सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई चल रही है।

सरकारी सेना की मदद के लिए सऊदी अरब के लड़ाकू विमान भी हूती के ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं। सऊदी अरब और उसके द्वारा समर्थित यमन की सरकारी सेना के बीच महत्वपूर्ण जलमार्ग बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर कब्जे को लेकर लड़ाई चल रही है।

इस संकरे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग के आवागमन को प्रभावित करने वाले ठिकानों को पिछले महीने हूती ने सरकारी सेना से छीन लिया था। साथ ही लाल सागर के तटवर्ती इलाकों पर भी हूती ने कब्जा कर लिया था।

इससे बाब अल-मंदेब होते हुए लाल सागर से जहाजों के गुजरने पर पूरी तरह से ईरान समर्थित हूती लड़ाकों का नियंत्रण हो गया है। हूती ने सऊदी अरब के जहाजों और तेल टैंकरों के लाल सागर से गुजरने पर रोक लगा रखी है।

अमेरिका से जारी युद्ध के चलते ईरान के होर्मुज स्ट्रेट रोकने से तेल कारोबार को लेकर बाब अल-मंदेब का महत्व बढ़ गया है। इसीलिए सऊदी अरब यमन की सरकारी सेना के साथ मिलकर बाब अल-मंदेब और लाल सागर के किनारों से हूती को हटाने की कोशिश में पूरी ताकत झोंक रहा है।

वैसे 2015 में कई सुन्नी मुस्लिम देशों के साथ मिलकर हूती से लड़ने में सऊदी अरब जीत नहीं सका था। लगातार सात वर्षों तक चली लड़ाई के बाद संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में युद्धविराम समझौता हुआ था। हूती का यमन के एक तिहाई भूभाग पर कब्जा है, जिस पर देश की 80 प्रतिशत आबादी रहती है।