काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान में जारी भारी हिंसा के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को कहा कि पिछले दो दशक में तालिबान और अधिक क्रूर और अधिक दमनकारी हो गए हैं। वहीं, अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति ने तालिबान को मदद पहुंचाने के लिए पाकिस्तान को फटकार लगाई है।

गनी ने वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग में कहा- तालिबान में नकारात्मक बदलाव हुआ

गनी ने वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग में कहा, 'हां, वे (तालिबान) बदल गए हैं, लेकिन नकारात्मक रूप से। उन्हें शांति, समृद्धि या प्रगति को कोई इच्छा नहीं है, हम शांति चाहते हैं, लेकिन वे समर्पण (दबे हुए लोग और सरकार) चाहते हैं।'

अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान के हमले तेज, कई इलाके कब्जे में

अफगानिस्तानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान ने अपने हमले तेज कर दिए हैं और कई इलाकों को कब्जे में लिया है।

गनी ने कहा- जब तक हालात नहीं बदलेंगे, तालिबान वार्ता में नहीं होंगे शामिल

गनी ने कहा कि जब तक युद्ध के मैदान में हालात नहीं बदलेंगे, तालिबान सार्थक बातचीत में शामिल नहीं होंगे। इसलिए देश भर में लोगों को एकजुट करने की जरूरत है।

अफगान के पहले उप राष्ट्रपति सालेह ने तालिबान को मदद पहुंचाने के लिए पाक को लगाई फटकार

वहीं, अफगानिस्तान के पहले उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने तालिबान को मदद पहुंचाने के लिए पाकिस्तान को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इरादा सार्थक बातचीत में शामिल होने का नहीं है।

नागरिक हताहतों की संख्या 80 फीसद बढ़ी, छह महीने में 1,677 लोगों की मौत

अफगानिस्तान के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि तालिबान आम लोगों को निशाना बना रहा है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस साल के पहले छह महीने में 1,677 नागरिक मारे गए हैं और 3,644 घायल हुए हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल हताहतों की संख्या 80 फीसद बढ़ी है।

Edited By: Bhupendra Singh