ईरान में 14 दिन बाद थमे हमले, हूती-सऊदी संघर्ष ने बढ़ाई पश्चिम एशिया की चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 14 दिनों तक चले सैन्य तनाव के बाद शनिवार को ईरान में अपेक्षाकृत शांति ...और पढ़ें

ईरान में 14 दिन बाद थमे हमले, हूती-सऊदी संघर्ष ने बढ़ाई पश्चिम एशिया की चिंता (फोटो- रॉयटर)
HighLights
हूती के मिसाइल-ड्रोन हमलों से सऊदी की अरामको तेल रिफायनरी में आग, जवाब में होदेइदा पर बमबारी
ट्रंप बोले- ईरान समझौता चाहता है, लेकिन उसे परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 14 दिनों तक चले सैन्य तनाव के बाद शनिवार को ईरान में अपेक्षाकृत शांति रही। वहीं, क्षेत्र में तनाव का नया केंद्र सऊदी अरब और ईरान समर्थित हाउती विद्रोही बन गए।
हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई।
रॉयटर के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद जिजान और यानबू स्थित अरामको की तेल रिफायनरियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हमलों के बाद दोनों स्थानों पर आग लग गई और काले धुएं के गुबार के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो गए।
सऊदी अरब के अनुसार, ग्रीस की सेना द्वारा संचालित अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ने दो मिसाइलों को मार गिराया। बता दें कि ग्रीस की सैन्य टुकड़ी द्विपक्षीय समझौते के तहत सऊदी अरब में तैनात है।
सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के होदेइदा बंदरगाह और कामरान द्वीप पर हाउती ठिकानों को निशाना बनाया।
हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि सऊदी अरब सैन्य कार्रवाई बढ़ाता है तो उसकी तेल रिफायनरियां निशाने पर होंगे। हूती से जुड़े अल-मसीराह टीवी ने दावा किया कि सऊदी हमलों में दूरसंचार ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
विश्लेषकों का मानना है कि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक समुद्री व्यापार और सऊदी अरब के तेल निर्यात पर असर पड़ सकता है। जिजान स्थित अरामको रिफाइनरी प्रतिदिन करीब चार लाख बैरल कच्चे तेल का शोधन करती है।
उधर, एपी के अनुसार, ईरान में लगातार दो सप्ताह तक चली बमबारी के बाद शनिवार की रात शांतिपूर्ण रही। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने बताया कि देश में कहीं से भी नए हमलों की सूचना नहीं मिली।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र से निकलने की कोशिश कर रहे एक जहाज को कई चेतावनियों के बाद निष्क्रिय कर दिया गया।
सेंटकाम के अनुसार, पिछले 14 दिनों में केवल दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 12 अन्य जहाजों को लौटने के लिए मजबूर किया गया।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन विदेश नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और सरकार का निशाना पत्रकार नहीं, बल्कि संवेदनशील सूचनाएं लीक करने वाले लोग हैं।
