ईरान की इजरायल को खुली चेतावनी- लेबनान में हमारे बहन-भाई... होर्मुज में नई पाबंदी लगाई
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार है। ईरान ने लेबनान में इजरायल की कार्रवाई पर कड़ी चेतावनी दी है, कहा ...और पढ़ें
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सीजफायर के बीच ईरान कड़ा मैसेज इजरायल को दी खुली चेतावनी (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ईरान ने इजरायल की लेबनान में कार्रवाई को समझौते का उल्लंघन बताते हुए सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि उसकी 'उंगली अभी भी ट्रिगर पर है'।
ईरान ने साफ कहा है कि सीजफायर का मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है। देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अगर कोई उकसावे वाली कार्रवाई हुई, तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। इसी बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान ने बड़ा फैसला लिया है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
होर्मुज में जहाजों की संख्या सीमित
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने तय किया है कि सीजफायर के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना अधिकतम 15 जहाजों को ही गुजरने दिया जाएगा। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है।
تجاوز دوباره رژیم صهیونیستی به لبنان نقض آشکار توافق اولیه آتشبس است. این نشانه خطرناکی از فریب و عدم پایبندی به توافقات احتمالی است. تداوم این اقدامات، مذاکره را بیمعنا خواهد کرد. دستهای ما بر ماشه باقی است. ایران هرگز خواهران و برادران لبنانی را تنها نخواهد گذاشت. https://t.co/T3Wy3qBqcE
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 9, 2026
इसके साथ ही एक प्रस्ताव पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें ईरान और ओमान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा बदलाव होगा।
बातचीत के साथ चेतावनी भी
ईरान ने दो हफ्ते के सीजफायर को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा। लेकिन उसने दोहराया कि यह कदम सिर्फ बातचीत के लिए है, न कि युद्ध खत्म करने के लिए।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी अपने तेवर नरम किए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान सीजफायर का पालन करता है और होर्मुज को खोलता है, तो अमेरिका हमलों को आगे नहीं बढ़ाएगा।
चीन की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में चीन की भी अहम भूमिका बताई जा रही है। चीन ने पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों के जरिए ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में मदद की। हालांकि, हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। कुछ इलाकों में मिसाइल अलर्ट की खबरें आई हैं और ईरान से जुड़े हमले भी जारी रहे हैं, जिससे सीजफायर की मजबूती पर सवाल बने हुए हैं।
