अमेरिका-ईरान शांति समझौता: ट्रंप का आज हस्ताक्षर का दावा, ईरान ने कहा- तारीख तय नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी गंभीर सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बाद आखिरकार वैश्विक शांति ...और पढ़ें

ट्रंप का दावा- आज होगा समझौता; तेहरान बोला- हस्ताक्षर की तारीख अभी तय नहीं (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ईरान बोला, समझौते के मसौदे पर सहमति, लेकिन हस्ताक्षर की तारीख अभी तय नहीं
पाक पीएम शरीफ ने कहा, आज ई-हस्ताक्षर, अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की वार्ता
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा- प्रक्रिया पूरी होने में लग सकते हैं कुछ और दिन
होर्मुज में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी ड्रोन गिराए, ओमान में टैंकर पर रॉकेट से हमला
लेबनान में इजरायली हमले जारी, चार लोगों की मौत, रिहायशी इमारत गिराई
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी गंभीर सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बाद आखिरकार वैश्विक शांति की उम्मीदें बेहद मजबूत हो गई हैं। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर व्यापक सहमति बन चुकी है।
ईरान बोला, समझौते के मसौदे पर सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने वाले इस ऐतिहासिक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। वहीं, ईरान बोला, समझौते के मसौदे पर सहमति, लेकिन हस्ताक्षर की तारीख अभी तय नहीं है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौता होते ही स्ट्रेट आफ होर्मुज सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा प्रक्रिया पूरी होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी कहा कि दोनों पक्ष शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमत हैं और इस पर रविवार को ई-हस्ताक्षर के लिए हम तैयारी में जुटे हैं।
फ्रांस में शुरू हो रही जी7 की बैठक में ट्रंप शामिल होंगे
उधर, सोमवार से फ्रांस में शुरू हो रही जी7 की बैठक में ट्रंप शामिल होंगे, जहां वह खाड़ी देशों के नेताओं के साथ स्ट्रेट आफ होर्मुज से समुद्री बारूदी सुरंग हटाने के प्रयासों पर चर्चा कर सकते हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के तहत प्राथमिक तौर पर ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नाकेबंदी खत्म होगी और 60 दिनों का युद्धविराम लागू होगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकेगा।
अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा- ट्रंप
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने पर अमेरिका ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम निकालकर नष्ट करेगा। इसे ईरान या अमेरिका में नष्ट किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ईरान और पूरे पश्चिम एशिया के साथ अमेरिका के बेहतर संबंध होंगे।
साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि प्रक्रिया सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास हमले के रूप में आखिली विकल्प भी मौजूद है, जिसे वह दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहते। उन्होंने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिनमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल थे।
पाक पीएम ने कही ये बात
रॉयटर के अनुसार, ट्रंप के बयान से पहले शरीफ ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो चुके हैं और इस पर हस्ताक्षर के बाद अगले सप्ताह दोनों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता का आधार बनेगा। कतर के पीएम और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जस्सिम अल थानी से फोन पर वार्ता के दौरान शरीफ ने दावा किया कि शांति समझौता हस्ताक्षर के लिए पूरी तरह तैयार है और बहुत जल्द इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
पाकिस्तान पीएम कार्यालय ने उनके बयान को एक्स पर साझा भी किया। हालांकि, शरीफ के बयान पर बघाई ने कहा कि समझौते की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता, लेकिन अमेरिका के बार-बार रुख बदलने के रवैये को देखते हुए किसी निश्चित समयसीमा पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होना संभव नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा कि संभावित समझौते में अब भी बदलाव संभव हैं, लेकिन इससे यह स्पष्ट हुआ है कि युद्ध के बाद ईरान पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ संघर्ष में ईरान विजेता रहा है।
अराघची ने कहा कि ईरान यूरेनियम को तरल रूप में संरक्षित रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि समझौता दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में इस पर चर्चा होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि एमओयू के प्रविधानों का पालन नहीं हुआ तो अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। उनके अनुसार, पहले चरण में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाने का प्रविधान शामिल है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं
साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं, बल्कि सेवा शुल्क लिया जाएगा। योजना में ईरान को मुआवजा भुगतान का प्रविधान भी शामिल है।इस बीच, अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भर रहे कई हमलावर ड्रोन मार गिराए।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन सकते थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि समुद्री मार्ग पूरी तरह खुला है।
सेंटकाम के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे में बाधा डालने की कोशिशों को विफल कर दिया गया। ईरान की तरफ से फिलहाल टिप्पणी नहीं की गई है। ओमान में टैंकर पर हमलायूके मैरिटाइम ट्रेड आपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने दावा किया है कि ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक टैंकर पर राकेट से हमला किया गया।
हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं है। हमला झेलने के बावजूद टैंकर परिचालन स्थिति में रहा और अपनी यात्रा जारी रखी।
लेबनान में जारी रहे हमले
दक्षिणी लेबनान में शनिवार को भी इजरायली हमले जारी रहे। इन हमलों में चार लोगों की मौत हो गई। पहले टायर जिले के माराकेह क्षेत्र में एक व्यक्ति और जेज्जीन जिले की रिहान नगरपालिका के मेयर की मौत की पुष्टि हुई।
बाद में नबातियेह जिले के देइर अल-जहरानी क्षेत्र में हुए हवाई हमले में दो और लोगों की जान चली गई। हमले में एक रिहायशी इमारत भी पूरी तरह तबाह हो गई। वहीं, हिजबुल्ला ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इजरायल पर हमले किए।
