ईरान का सीक्रेट हथियार 'हूट' जो अमेरिका को दे सकता है हार्ट अटैक, समुद्र के भीतर करता है तगड़ा वार
क्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथन ने मीडिया को बताया कि ईरान का इशारा 'हूट' नाम के एक खास टारपीडो की तरफ ...और पढ़ें

समुद्र के भीतर गोली की रफ्तार से दौड़ने वाला टारपीडो (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
समुद्र के भीतर गोली की रफ्तार से दौड़ने वाला टारपीडो, अमेरिकी के पसीने छुड़ाने को है तैयार
यह दुनिया के सबसे तेज पानी के भीतर चलने वाले हथियारों में से एक है
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी नौसेना प्रमुख शहरम ईरानी ने कहा कि उनके पास ऐसा नया हथियार है, जिससे दुश्मन को हार्ट अटैक तक आ सकता है।
उन्होंने इशारों में कहा कि यह हथियार दुश्मनों के बहुत करीब है और जल्द ही इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, रक्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथन ने मीडिया को बताया कि ईरान का इशारा 'हूट' नाम के एक खास टारपीडो की तरफ हो सकता है, जिसे 2006 के आसपास गुपचुप तरीके से टेस्ट किया गया था।
दावा किया जाता है कि यह दुनिया के सबसे तेज पानी के भीतर चलने वाले हथियारों में से एक है। आम टारपीडो जहां 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं, वहीं हूट 360 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा स्पीड पकड़ सकता है।
यह संभव होता है सुपर-कैविटेशन तकनीक से, जिसमें टारपीडो अपने चारों ओर गैस का बुलबुला बना लेता है और पानी के भारी दबाव को कम कर देता है, जिससे वह पानी के अंदर भी राकेट जैसी गति से दौड़ता है। इतना ही नहीं, यह 200 किलो से ज्यादा विस्फोटक वारहेड ले जाने में सक्षम बताया जाता है।
ताकत बड़ी, लेकिन कमजोरियां भी कम नहीं
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हूट टारपीडो अमेरिकी युद्धपोतों, खासकर एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबो सकता है? दरअसल, इस सुपरफास्ट हथियार की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी रेंज है। इतनी तेज रफ्तार के कारण इसका ईंधन जल्दी खत्म हो जाता है और यह केवल लगभग 15 किलोमीटर तक ही मार कर सकता है, जबकि सामान्य टारपीडो 30 किलोमीटर तक जाते हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे यूएसएस अब्राहम लिंकन बेहद मजबूत सुरक्षा से लैस होते हैं। इनमें मोटी बख्तरबंद दीवारें और जबरदस्त तैरने की क्षमता होती है, जिससे वे कई बड़े हमलों को झेल सकते हैं।
ऐसे में ईरान के लिए 'हूट' का इस्तेमाल करना आसान नहीं है। इस टारपीडो को लांच करने के लिए उसे बहुत करीब आना पड़ेगा, जो इस सुरक्षा घेराबंदी को पार करना लगभग नामुमकिन बनाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक खुले समुद्र में ऐसा करना खुदकुशी जैसा कदम होगा।
