जकार्ता, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में तीन चर्चो पर हाल में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जकार्ता के साथ मजबूती से खड़ा है। बुधवार को मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोडो के साथ बातचीत के बाद जारी एक बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाएं यह संदेश देती हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक स्तर पर प्रयास मजबूत करना समय की जरूरत है। मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समेत 15 समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए।

-आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक प्रयास पर जोर दिया

मोदी पांच दिवसीय विदेश दौरे के पहले पड़ाव में इंडोनेशिया पहुंचे हैं। इसके बाद वह मलेशिया और सिंगापुर की यात्रा करेंगे। गौरतलब है कि दुनिया में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया पिछले दो दशकों से इस्लामी आतंकवाद और ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा से जूझ रहा है। यहां इस महीने की शुरुआत में तीन चर्चो पर हमले हुए थे, जिनमें सात लोग मारे गए थे। इंडोनेशिया में बीते 18 वर्षो में चर्च पर यह सबसे बड़ा हमला था।

पतंगबाजी में हाथ आजमाया

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति विदोडो ने जकार्ता के 'नेशनल मॉन्यूमेंट' में पहली बार आयोजित संयुक्त प्रदर्शनी का उद्घाटन कर पतंगबाजी में भी हाथ आजमाया। प्रदर्शनी भारत के महाकाव्यों रामायण और महाभारत की थीम पर आधारित है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने जकार्ता के लयांग-लयांग संग्रहालय और अहमदाबाद के पतंग संग्रहालय के बीच हुए समझौते का स्वागत किया।

शहीदों को श्रद्धांजलि दी

मोदी ने इंडोनेशिया की आजादी के संघर्ष के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर अपनी यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने यहां कलीबाता नेशनल हीरोज सिमेट्री में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। दक्षिण जकार्ता स्थित कलीबाता हीरोज सिमेट्री में सैनिकों की कब्रगाह है।

मस्जिद भी गए

प्रधानमंत्री मोदी और विदोडो इस्तिकलाल मस्जिद भी गए। यह दक्षिणपूर्वी एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है। इंडोनेशिया की आजादी की याद में इस मस्जिद का निर्माण किया गया और लोगों के लिए इसे 1978 में खोला गया था।

30 दिन के लिए नि:शुल्क वीसा

प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी जकार्ता में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यहां उनका राष्ट्रपति भवन में शाही स्वागत किया गया। जकार्ता में मोदी ने भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। मोदी ने कहा कि उनकी तरह ही इंडोनेशिया की जनता ने एक साधारण नागरिक विदोडो को प्रधान सेवक बनने का मौका दिया है। यहां उन्होंने इंडोनेशिया के नागरिकों को 30 दिन की भारत यात्रा के लिए नि:शुल्क वीजा की व्यवस्था किए जाने का एलान किया।

Posted By: Bhupendra Singh