जकार्ता, रायटर्स। इंडोनेशिया के पहले कमर्शियल विंड फाॅर्म के डेवलपर का कहना है कि नवीनीकरण ऊर्जा के निवेशकों के लिए पहले की तुलना में अब बेहतर स्थितियां हैं, मगर अपने पवन ऊर्जा लक्ष्‍य को पूरा करने को लेकर देश के लिए अभी बहुत काम करने की जरूरत है।

यूपीसी रिन्‍यूएबल्‍स इंडोनेशिया के प्रोजेक्‍ट डेवलपमेंट मैनेजर सोरिपनो मार्टोसापुत्रो ने कहा कि पहले इंडोनेशियाई के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वाणिज्यिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और चलाने की संभावनाएं बेहद निराशाजनक थीं, क्‍योंकि सरकार और राज्‍य की बिजली वितरण कंपनी की विशेषज्ञता की कमी थी। मगर पिछले तीन सालों में तकनीक की कीमतों में कमी आई है और सरकार ज्‍यादा सहयोगी बनी है।

गौरतलब है कि यूपीसी सुलावेसी द्वीप पर द्वीप समूह का पहला विंड फॉर्म विकसित कर रही है। सोरिपनो ने कहा कि अगले महीने से यह साइट संचालित हो जाएगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि पहले एक पावर परचेज एग्रीमेंट के लिए कड़ी मशक्‍कत करनी पड़ती थी। पहले स्थिति ऐसी थी कि लो या छोड़ दो। मगर अब इस पर बातचीत होती हैं। संभावनाएं तलाशी जाती हैं। पहले से बहुत ज्‍यादा बेहतर चीजें हो गई हैं।

ऑनलाइन लाइसेंसिंग सिस्‍टम ने प्रोसेस टाइमिंग को बहुत कम कर दिया है। पारदर्शिता में सुधार आया है और जिन रिन्‍यूएबल एनर्जी डेवलपर्स को विंड फार्म के लिए सैकड़ों परमिट की जरूरत पड़ती है, उनके लिए सारी चीजें बेहद आसान हो गई हैं।

Posted By: Pratibha Kumari