जकार्ता, एएफपी। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में जोरदार भूकंप और इससे पैदा हुई सुनामी की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब 832 हो गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है। सुनामी की लहरों से ढहे एक मॉल और दो होटलों में भी कई लोग फंसे हुए हैं। इस आपदा से सबसे ज्यादा पालू शहर प्रभावित हुआ है। सुनामी के वक्त हजारों लोग बीच महोत्सव की तैयारी को लेकर शहर के समुद्र तट पर जुटे थे।

राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। कई घर मलबे में तब्दील हो गए। द्वीप में शुक्रवार को आए भूकंप के बाद पानी इमारतों में घुस गया और 350,000 लोगों के घर तबाह हो गए। उपराष्ट्रपति यूसुफ काला ने मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है।

मृतकों में 11 लोग डोंगगाला के हैं और 821 पालू प्रांत के। कुछ विदेशी नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार अभी भी काफी लोग बुरी तरह से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। काफी लोगों के मलबे दबे होने की आशंका है। इंडोनेशिया की फौज लगातार राजधानी जकार्ता से सुलावेसी द्वीप पर सैन्य मदद पहुँचाने की कोशिश कर रही है।

इंडोनेशिया में सुनामी की तबाही, अब तक 832 लोगों की मौत

 आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो नुग्रोहो ने कहा कि अभी भी काफी संख्‍या में लोग बुरी तरह से घायल हैं और कई अभी भी मलबों के नीचे दबे हुए हैं। सुतोपो ने कहा कि बिजली और दूरसंचार सेवाएं ठप हो गई हैं, जिसके चलते पालू और पास के मछुआरे समुदाय डोंगगाला तक पहुंच बनाने में दिक्कत हो रही है।

इंडोनेशिया में अंतर्राष्ट्रीय संस्‍था रेडक्रॉस के प्रमुख जेन जेलफेंड ने बताया कि ऐसा सिर्फ शहरी इलाकों में नहीं है बल्कि दूरदराज के इलाकों में रह रहे समुदायों तक भी पहुंच बनाने में मुश्किल हो रही है। अधिकारियों ने शनिवार को भूकंप की आशंका के चलते लोगों से घरों में नहीं जाने और इमारतों से दूर सोने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति जोको विडोडो ने किया प्रभावित इलाके का दौरा
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने रविवार को प्रभावित पालू का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। राहत कार्यों के लिए सरकार ने 272 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने भी मदद की पेशकश की है।

सवालों के घेरे में मौसम विभाग 
भूकंप के बाद देश की मौसम व भौगोलिक विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी। इस चेतावनी को आधे घंटे बाद ही वापस ले लिया गया था। इस कारण से एजेंसी को तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों का हालांकि कहना है कि चेतावनी की अवधि में ही सुनामी तट से टकराई थी।
 

 

Posted By: Arti Yadav

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