वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जासूसी कानून के संभावित उल्लंघनों की जांच शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित निजी आवास मार-ए-लागो से अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ को कई वर्गीकृत दस्तावेज मिले थे, जिनमें कई अति गोपनीय दस्तावेज भी शामिल हैं। एफबीआइ ने सोमवार को ट्रंप के घर की तलाशी ली थी।

अमेरिका के जासूसी अधिनियम के तहत किसी दूसरे देश के लिए जासूसी करना या अमेरिकी रक्षा जानकारी को अनधिकृत लोगों के साथ साझा करना और उसे गलत तरीके संभालना गैर कानूनी है। ऐसे में उस जगह पर गोपनीय दस्तावेजों को रखने से कई सवाल उठ रहे हैं जहां बड़ी संख्या में लोग आते हों।

राष्ट्रपति रहते हुए ट्रंप ने भी कई बार गोपनीय सूचनाएं सार्वजनिक कर दी हैं। राष्ट्रपति के तौर पर अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने रूसी विदेश मंत्री को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ एक गोपनीय अभियान की जानकारी दे दी थी।

विशाल क्षेत्र में फैले ट्रंप के इस घर का उपयोग एक रिसार्ट की तरह होता है। धन संग्रह के लिए आए दिन वहां पार्टियां होती हैं। शादी-विवाह भी होते हैं। इन समारोह में बड़ी संख्या में वहां बाहरी लोगों का आना जाना बना रहता है।

ट्रंप जब तक राष्ट्रपति थे, तब तक तो उनके इस घर की सुरक्षा में खुफिया सेवा के एजेंट तैनात रहते थे। लेकिन उनके पद से हटने के बाद अब उन पर इस घर की जिम्मेदारी नहीं है। ट्रंप के निजी आवास से बड़ी संख्या में वर्गीकृत दस्तावेज मिलने पर न्याय विभाग ने भी चिंता जताई है।

हालांकि, ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक बयान में कहा है कि सभी दस्तावेज अवर्गीकृत थे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। न्याय विभाग की पूर्व अधिकारी मैरी मैककार्ड कहती हैं कि यह बहुत ही गंभीर मसला है। मार-ए-लागो में विदेशी मेहमान भी आते थे, जिनमें दूसरे देशों की सरकार से जुड़े अधिकारी और एजेंट भी हो सकते हैं। ऐसे में वहां गोपनीय दस्तावेज रखना राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना है। 

Edited By: Krishna Bihari Singh

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