वाशिंगटन, एएफपी। विश्व बैंक ने अल्पसंख्यक मुस्लिम उइगरों के साथ दु‌र्व्यवहार के आरोपों के बाद चीन में व्यावसायिक स्कूलों की आर्थिक मदद मुहैया कराने वाले प्रोजेक्ट को समाप्त कर दिया है। विदेश नीति पत्रिका में रिपोर्ट आने के बाद विश्व बैंक ने बीते अगस्त में कार्यक्रम की समीक्षा शुरू कर दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि स्कूल को लाभ के लिए मिली कर्ज की राशि से कंटीले तार, गैस लांचर और बख्तर खरीदे गए।

चीन के उत्तर पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में रहने वाले अल्पसंख्यक उइगर समुदाय के साथ चीन का व्यवहार चिंता का कारण बना हुआ है। मानवाधिकार समूहों और विशेषज्ञों का कहना है कि 10 लाख से ज्यादा अल्पसंख्यकों में से ज्यादा संख्या मुस्लिमों की है। उन्हें शिनजियांग में शिक्षा कैंपों में रखा गया है जहां उन्हें प्रताडि़त किया जाता है और उन्हें अपने धर्म की निंदा करने के लिए बाध्य किया जाता है।

गिरफ्तार हर पांचवां व्यक्ति शिंजियांग प्रांत का

स्थानीय अभियोजक दफ्तर के आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 में यहां बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया। चीन में गिरफ्तार हर पांचवां व्यक्ति शिंजियांग प्रांत का रहने वाला था। जबकि, चीन की आबादी में यहां का हिस्सा सिर्फ दो फीसद है।

चीन ने उठाए सख्त कदम  

मुस्लिमों खासकर उइगर मुसलमानों वाले शिंजियांग प्रांत में हाल के वर्षो में धार्मिक चरमपंथ और आतंकवाद को दबाने के लिए चीन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसको लेकर दुनिया भर में चीन की निंदा भी होती है। लेकिन चीन अपनी नीति को सही ठहराता है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के चीनी शोधकर्ता पैट्रिक पून का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तारियों में वृद्धि से साफ है कि उइगर और अन्य मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए न्यायिक व्यवस्था को भी हथियार बनाया गया। 

अमेरिका ने की थी कार्रवाई 

कुछ दिनों पहले अमेरिका ने चीन के अधिकारियों के वीजा पर रोक लगा दी थी। इसे चीन की 28 संस्थाओं पर बैन के बाद अमेरिका का दूसरा सख्‍त कदम माना गया था। पिछले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने अपने बयान में कहा था कि चीन तत्‍काल शिंजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ अपने दमनकारी अभियान को रोके। यही नहीं उसने चीन पर उइगर मुस्लिमों की निगरानी का आरोप भी लगाया है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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