बीजिंग(रायटर)। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ली शाओबो की विधवा ली जिया ने मंगलवार को चीन छोड़ दिया। वह फिनएयर की फ्लाइट से जर्मनी रवाना हो गईं। चीन की सरकार ने बिना किसी अपराध के उन्हें करीब आठ वर्ष से घर में नजरबंद कर रखा था। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन और पश्चिमी देश उनकी रिहाई को लेकर लंबे समय से चीन पर दवाब बना रहे थे।

जिया के भाई ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए बहन बीजिंग से यूरोप रवाना हो चुकी हैं। उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने मुश्किल भरे इन सालों में उनकी मदद की और उनका ध्यान रखा।'


जिया को ऐसे समय पर रिहा किया गया है जब चीन के प्रधानमंत्री ली कछ्यांग जर्मनी की यात्रा पर जाने वाले हैं। जर्मनी ने इस साल मई में जिया को छोड़ने के लिए चीन पर जोर दिया था। जिया की रिहाई को अमेरिका के साथ शुरू हुए ट्रेड वार में जर्मनी को अपने पाले में रखने के चीन के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।

लोकतंत्र समर्थक लेखक ली शाओबो को 2009 में जनता को उकसाने और तोड़फोड़ के आरोप में 11 साल की सजा सुनाई गई थी। पिछले साल 13 जुलाई को जेल में ही उनकी कैंसर से मौत हो गई थी।

 

Posted By: Jagran News Network