यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Li Qiang: चीन के अगले PM बनने के लिए तैयार ली कियांग, शी जिनपिंग के हैं खास
Li Qiang ली कियांग जल्द ही चीन के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। ली कियांग ने देश के दूसरे ...और पढ़ें

बीजिंग, एजेंसी। ली कियांग चीन के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। चीन के नौकरशाह रहे हैं कि अक्टूबर में चीन की नंबर-2 भूमिका के लिए उन्हें तब चुना गया था, जब शी ने वफादारों के साथ एक नेतृत्व खाका पेश किया था। ली को करीब से जानने वालों का कहना है कि वह व्यावहारिक दिमाग वाले, एक प्रभावी नौकरशाही को चलाने वाले और निजी क्षेत्र का समर्थक हैं। लिहाजा, वह चीन के कुछ सबसे आर्थिक रूप से गतिशील क्षेत्रों के प्रभारी रहे।
शेयर मार्केट में किए बदलाव से जीता शी का भरोसा
सूत्रों ने कहा कि उन्होंने चीन प्रतिभूति नियामक आयोग (सीएसआरसी) को दरकिनार कर दिया, जिसने नए सेट-अप के तहत अपनी कुछ शक्ति खो दी। इसने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ घनिष्ठ संबंधों को प्रदर्शित किया। साल 2018 के अंत में शी ने खुद शंघाई के नए तकनीक-केंद्रित स्टार मार्केट के साथ-साथ पंजीकरण-आधारित आईपीओ प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की।
शी के साथ ली के संबंधों की वजह से हुआ ऐसा
सुधारों का मतलब था कि चीन की सबसे युवा फर्मों को विदेशों के बजाय स्थानीय रूप से सूचीबद्ध करने के लिए लुभाना। मामले की संवेदनशीलता को देखते नियामकों और शंघाई के अधिकारियों के करीबी एक अनुभवी बैंकर नाम न जाहिर करने के अनुरोध पर बताया कि इससे सीएसआरसी बहुत नाखुश था। बैंकर ने आगे बताया कि शी के साथ ली के संबंधों ने यहां एक भूमिका निभाई। उन्हें सीएसआरसी से गुजरे बिना योजना को सीधे केंद्र सरकार के सामने पेश करने में सक्षम बनाया। मामले में सीएसआरसी ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
जल्द होगी ली के नाम की पुष्टि
नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की चल रही बैठक के दौरान ली की शनिवार को प्रीमियर के रूप में पुष्टि की जाने वाली है। पूर्व में शंघाई में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख रहे ली अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
ली केकियांग की जगह लेंगे
बता दें कि ली कियांग सेवानिवृत्त होने वाले ली केकियांग की जगह लेंगे। व्यापक रूप से माना जाता है कि केकियांग को तेजी से दरकिनार कर दिया गया क्योंकि शी ने अर्थव्यवस्था के प्रबंधन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। नेतृत्व पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि शी के साथ ली कियांग की निकटता एक ताकत और भेद्यता दोनों है। उनके पास शी का भरोसा है, वह अपने लंबे समय तक संरक्षक के प्रति शी के आभारी हैं।