इस्तांबुल, एपी। वैश्विक पुलिस एजेंसी इंटरपोल के निर्वाचित इंस्पेक्टर जनरल अहमद नासेर अल-रईसी को गुरुवार को अध्यक्ष चुना गया है। गौर करने वाली बात यह है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के इस अफसर पर दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से कई आरोप लगाए जाने के बावजूद यह निर्णय लिया गया। जनरल नासेर पर बंदियों को प्रताड़ित करने का आरोप है। मेजर जनरल अहमद नासेर अल-रईसी (Ahmed Nasser Al-Raisi) यूएई के गृह मंत्रालय के इंस्पेक्टर जनरल हैं।

अहमद नासेर अल-रईसी (Inspector General Ahmed Nasser Al-Raisi) का निर्वाचन चार साल के एक कार्यकाल के लिए हुआ था लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने यूएई में बंदियों को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी थीं। साथ ही उन पर रिश्वत लेने के अलावा भी कई अन्य अपराधों के आरोप लगे हैं।

इंटरपोल के अध्यक्ष का चुनाव पिछले कुछ अरसे से लंबित था क्योंकि इस निकाय के चीनी अध्यक्ष मेंग होंगवेई अपने चार साल के कार्यकाल के बीच अचानक वर्ष 2018 में चीन के दौरे के दौरान लापता हो गए। अब पता चला है कि चीन सरकार ने उन्हें बंदी बना लिया है और इसलिए अब इस पद को खाली नहीं रखा जा सकता है। उन पर भी रिश्वत लेने और अन्य किस्म के अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।

अल रईसी (Inspector General Ahmed Nasser Al-Raisi) के खिलाफ पांच देशों से आपराधिक मामले दर्ज हैं जिसमें फ्रांस और टर्की शामिल हैं। फ्रांस में इंटरपोल का मुख्यालय है और टर्की में निर्वाचन हो रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने यह भी बताया कि संस्था के उपाध्यक्ष पद के लिए ब्राजील के वाल्डेसी ऊर्जा को अमेरिका के लिए निर्वाचित किया गया। जबकि अफ्रीका के उपाध्यक्ष पद के लिए नाइजीरिया के गरबा बाबा उमर को निर्वाचित किया गया है।