बीजिंग (आईएएनएस)। चीन के शीर्ष अधिकारी ने देश की बेल्ट एंड रोड परियोजना में भारत को एक स्वाभाविक साझेदार माना है और कहा कि उसे कश्मीर के विवादित हिस्से से इसके गुजरने को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे बीजिंग का स्वाभाविक रुख नहीं बदलेगा।

चीन के सहयोगी विदेश मंत्री झांग जुन ने कहा, ‘भारत प्राचीन सिल्क रोड पर ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण देश था और यह कहना सही है कि भारत सिल्क रोड और बेल्ट एंड रोड पहल में एक स्वाभाविक साझेदार है।’

भारत ने बेल्ट एंड रोड की परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का विरोध किया है, क्योंकि यह कश्मीर के विवादित हिस्से से गुजरता है। झांग ने कहा, ‘चीन ने बार-बार जोर दिया है कि सीपीईसी एक आर्थिक पहल है। सीपीईसी के क्रियान्वयन से कश्मीर पर चीन का रुख नहीं बदलने वाला है।’ एशिया को यूरोप से जोड़ने के लिए चीन सड़कों, राजमार्गों, बंदरगाहों और समुद्री मार्गों का एक विशाल नेटवर्क विकसित कर रहा है। भारत सहित कई देश इस परियोजना को चीन की रणनीतिक चाल के रूप में देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ बिंदु स्पष्ट कर दूं। पहला यह कि भारत, चीन का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है। चीन और भारत दोनों ही उभरती अर्थव्यवस्थाएं और विकासशील देश हैं। हमारे नेताओं के नेतृत्व में चीन और भारत के बीच संबंध मजबूत हुए हैं और दोनों देश विकास के चरण में प्रवेश कर गए हैं।’

झांग ने कहा, ‘राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी वुहान, किंगदाओ और दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में मिले।’ उन्होंने कहा, ‘दोनों नेताओं के बीच तीन महत्वपूर्ण बैठकें हुईं और महत्वपूर्ण समझ बनी, जिससे हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत गति मिली।’

Posted By: Monika Minal