हांगकांग, एजेंसी। चीन में उईगर मुस्लिमों के खिलाफ सरकारी बर्बरता के बारे में अभी तक खबरें ही आ रही थीं। लेकिन पहली चीन के अत्याचार के दस्तावेज दुनिया के सामने आए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स को हाथ लगे इस दस्तावेज ने चीन की कलई खोल कर रख दी है। इससे पता चलता है कि चीन ने दुनिया की नजरों में धूल झोंकने के लिए नजरबंदी शिविरों को प्रशिक्षण केंद्र का नाम दे रखा है। चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से शिंजियांग की प्रांतीय सरकार को उईगर, कजाख और अन्य अल्पसंख्यकों को नजरबंदी शिविरों में रखने के लिए दिए गए निर्देश इसमें दर्ज हैं।

10 लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिमों को रखा गया नजरबंद

स्थानीय अधिकारियों को स्कूल की छुट्टी पर घरों को आने वाले छात्रों को चुप रखने के निर्देश दिए गए हैं। घरवालों और रिश्तेदारों के बारे में पूछने पर छात्रों को धमकाकर चुप रखने को कहा गया है। कहा गया है कि छात्र अगर दबाव बनाते हैं तो उन्हें बताया जाए कि उनके व्यवहार से उनके माता-पिता की हिरासत की अवधि बढ़ सकती है। शिंजियांग प्रांत की सीमा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों से लगती है। अनुमान के मुताबिक यहां 10 लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिमों को तीन साल से अधिक समय से नजरबंदी शिविरों में रखा गया है।

 2009 से शुरू हुआ दमन का सिलसिला

शिंजियांग प्रांत की राजधानी उरूम्की में 2009 में एक साथ कई क्षेत्रों में नस्लीय दंगे भड़क गए थे। साथ ही सरकार और चीन विरोधी हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। उसके बाद ही चीन ने उईगर मुस्लिमों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई शुरू की थी। 2014 में यहां बाजार में हुए हमले में 39 लोग मारे गए थे।

लीक पेपर में शी के गुप्त भाषण भी शामिल

403 पेज के लीक दस्तावेज में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अधिकारियों के सामने दिए गए गुप्त भाषण ही 200 पेज में दर्ज हैं। इसके अलावा 150 पेज में उईगर मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी निर्देश हैं।

अन्य हिस्सों में भी इस्लाम पर पाबंदी की योजना

लीक दस्तावेज से पता चलता है कि चीन देश के अन्य हिस्सों में भी इस्लाम पर पाबंदी लगाने की योजना बना रहा है। लीक सामग्री से यह भी पता चलता है कि कम्युनिस्ट पार्टी में असंतोष भी बढ़ रहा है।

दाढ़ी रखने, अरबी पढ़ने पर रोक

शिंजियांग प्रांत में उईगर मुस्लिमों के लंबी दाढ़ी रखने और अरबी पढ़ने पर भी रोक लगा दी गई है। मस्जिदों के बाहर वो नमाज भी नहीं पढ़ सकते हैं। सिगरेट और शराब पीने पर भी पाबंदी है।

कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य ने दिए दस्तावेज

चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ही एक सदस्य ने अखबार को ये पेपर मुहैया कराए हैं। तीन दशक में शायद यह पहली बार है कि इस तरह के दस्तावेज किसी अखबार को हाथ लगे हैं। अपना नाम गुप्त रखते हुए सदस्य ने उम्मीद जताई कि उसके द्वारा दिए गए दस्तावेज के चलते चिनफिंग समेत कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य नेता बड़े पैमाने पर हिरासत के दोष से बच नहीं पाएंगे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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