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बीजिंग, रायटर। चीन के सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष जजों ने मौत की सजा का बचाव किया है। उनका कहना है कि जीवन के बदले जीवन लेने की भावना लोगों के मन में सदियों से समाई है, इसलिए देश में मौत की सजा को समाप्त करना आसान नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बीते मंगलवार को आरोप लगाया था कि वैश्विक मानदंडों के विपरीत चीन में मौत की सजा दुर्लभ मामलों के बजाय साधारण अपराधों में भी दी जा रही है। इसी के प्रतिक्रिया स्वरूप शीर्ष कोर्ट की जज ली जिओ ने गुरुवार को कहा, 'मौत की सजा के मामलों को घटाने के प्रयास के बावजूद हम इसे पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकते क्योंकि इसे जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है। मौत की सजा खत्म करने से जनता में रोष बढ़ सकता है।

हजारों वर्षो से जीवन के बदले जीवन लेने की भावना लोगों के मन में बसी है। अगर मौत की सजा के आंकड़े जारी किए जाएं तो लोग कहेंगे कि कुछ और को यह सजा होनी चाहिए थी।' अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, चीन में हर साल करीब दो हजार लोगों को फांसी दी जाती है। चीन हालांकि मौत की सजा के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता।

Posted By: Tanisk

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