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चीन ने अमेरिका को दिखाई अपनी असली वैश्विक ताकत, बीजिंग शिखर बैठक में सत्ता संतुलन का नया समीकरण

Published: Thu, 14 May 2026 11:09 PM (IST)Updated: Thu, 14 May 2026 11:57 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान हुई शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक को कई विश्लेषक बदलती ...और पढ़ें

चीन ने ट्रंप को दिखाया 'उदय की वास्तविकता' (फोटो- रॉयटर)

चीन ने ट्रंप को दिखाया 'उदय की वास्तविकता' (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. चीन की ट्रंप को दोटूक, 'बदल चुकी है दुनिया की हकीकत'

  2. चीन की आर्थिक और रणनीतिक ताकत का नया प्रदर्शन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान हुई शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक को कई विश्लेषक बदलती विश्व व्यवस्था का प्रतीक मान रहे हैं। जहां चीन ने आत्मविश्वासपूर्ण अंदाज में अपनी शर्तें रखीं, वहीं अमेरिकी पक्ष आर्थिक सुलह और स्थिरता पर अधिक जोर देता नजर आया।

बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का जिक्र करते हुए कहा कि उभरती हुई शक्ति और स्थापित शक्ति के बीच टकराव से बचना दोनों के हित में है। शी ने ताइवान मुद्दे पर सख्त चेतावनी दी और इसे चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

चीनी आधिकारिक बयान के अनुसार, शी ने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति आग और पानी की तरह असंगत हैं। चीन ने जलडमरूमध्य के सैन्यीकरण का भी विरोध किया।

इसके विपरीत, राष्ट्रपति ट्रंप ने शी जिनपिंग की भरपूर तारीफ की और भविष्य के व्यापार संबंधों को शानदार बताया। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले से कहीं बेहतर होने जा रहे हैं।

व्हाइट हाउस के बयान में ताइवान का कोई जिक्र नहीं किया गया। इसके बजाय अमेरिकी पक्ष ने कृषि उत्पादों की खरीद, अमेरिकी कंपनियों के लिए चीनी बाजार में बेहतर पहुंच, फेंटानिल पर सहयोग और व्यापार विस्तार पर फोकस किया।

दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट अंतर

 

  • चीनी बयान: ताइवान, क्षेत्रीय संप्रभुता और होर्मुज जलडमरूमध्य (ईरान संकट) का जिक्र करते हुए मजबूत रुख।
  • अमेरिकी बयान: मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग, निवेश और स्थिरता पर जोर।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के टैरिफ उपायों का चीन पर खास असर नहीं पड़ा और चीन ने दुर्लभ पृथ्वी धातुओं की आपूर्ति को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता दिखाई है।

कई विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक पिछले वर्षों के मुकाबले रोल रिवर्सल का संकेत दे रही है, जहां चीन अपनी सीमाएं तय करने में अधिक आश्वस्त दिख रहा है और वाशिंगटन आर्थिक राहत तथा द्विपक्षीय स्थिरता की तलाश में है।

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