नानचांग, रायटर। चीन ने अमेरिका के साथ लंबे समय से चले आ रहे ट्रेड वॉर के खत्म होने के संकेत दिए हैं। चीन का कहना है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत कर अपनी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेगा। चीनी उप-प्रमुख लियू ने शनिवार को कहा कि चीन समानता और आपसी सम्मान के आधार पर एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं को दूर करने के लिए अमेरिका के साथ काम करेगा और साथ ही कहा कि  व्यापार युद्ध(ट्रेड वॉर) को खत्म करना दोनों पक्षों और पूरी दुनिया के लिए अच्छा होगा।

लियू ने यह भी कहा कि चीन सरकार को इस साल के लिए व्यापक आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने की अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है। लियू, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चीन की व्यापार वार्ता में मुख्य वार्ताकार भी हैं, दक्षिण-पूर्वी जियांग्शी प्रांत की राजधानी नानचांग में एक आभासी वास्तविकता सम्मेलन में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह बातें कहीं।

अमेरिका और चीन में चल रहे ट्रेड वार और कुछ अन्य बुनियादी कारणों की वजह से चीन में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसके चलते विदेशी कंपनियां अपनी उत्पादन इकाइयों को दूसरे देशों में स्थानांतरित कर रहीं हैं। भारत और इंडोनेशिया जैसे देश इन कंपनियों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन बताए जा रहे हैं। 

ट्रेड वार की वजह से शुल्क में इजाफा तो हुआ ही है, चीन में मजदूरी की लागत भी मंहगी हो गई है। जबकि कार्यबल, आकार और बाजार के हिसाब से भारत और इंडोनेशिया चीन के अच्छे विकल्प हैं। जनसंख्या के मामले में भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है और युवाओं की संख्या के मामले में यह पहले नंबर पर है। यूएन के मुताबिक भारत के लोगों की औसत उम्र 30 वर्ष है। यहां लेबर लागत चीन के मुकाबले आधी है। फिर भी कई वजहों के चलते कंपनियां भारत जैसे देशों की जगह वियतनाम और थाइलैंड को प्राथमिकता दे रही हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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