बीजिंग, आइएएनएस। चीन ने कहा है कि उसका स्टील्थ फाइटर प्लेन जे-20 वायुसेना में शामिल कर लिया गया है और अब वह युद्धक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार है। चौथी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान को अमेरिकी एफ-22 और एफ-35 विमानों का चीनी जवाब माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार जे-20 दो तरह की भूमिकाएं निभाने में सक्षम है। इससे हवा से हवा में युद्ध लड़ा जा सकेगा, साथ ही आकाश से जमीन पर भी हमला किया जा सकेगा। स्टील्थ विमान को रडार से पकड़ने में मुश्किल आती है, इसलिए वह दुश्मन को चकमा देते हुए लक्ष्यों पर हमला कर सकता है।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की एयर फोर्स शाखा के प्रवक्ता शेन जिंके के अनुसार, नया स्टील्थ विमान चीन की संप्रभुता की रक्षा की ताकत में इजाफा करेगा। 2017 में चीनी विशेषज्ञों ने हालात का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट दी थी कि जे-20 को दुश्मन की हवाई पट्टियों और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमले के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर इसमें लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें फिट कर दी जाएं तो यह अमेरिका की हवाई ताकत के लिए भी चुनौती बन सकता है। इससे अमेरिका के रिफ्यूलिंग टैंकरों और अर्ली वार्निंग प्लेन को भी निशाना बनाया जा सकता है।

चीन के रक्षा विशेषज्ञ सोंग जोंगपिंग के मुताबिक, जे-20 चीन को आकाश में चुनौती देने वाली ताकतों को जवाब देने का खास उपकरण बन सकता है। जोंगपिंग ने दावा किया है कि जे-20 की आमद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हवाई ताकत का नया संतुलन कायम करेगी। अभी तक इलाके में अमेरिका और उसके सहयोगी जापान के पास ही स्टील्थ फाइटर प्लेन की ताकत थी। लेकिन अब चीन भी उन्हें चुनौती देने के लिए आकाश में है।

सन 2011 में चीन ने पहली बार दो इंजन वाले जे-20 को उड़ाया था। इसके बाद नवंबर 2016 में हांगकांग के निकट झुहाई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय उड्डयन प्रदर्शनी में इस लड़ाकू विमान को सार्वजनिक रूप से उड़ाया गया।

By Tilak Raj