हांगकांग, एएनआइ। दुनिया भर में हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के खिलाफ आवाज उठने से बौखलाए चीन ने अमेरिकी नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगा दिया है। द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार चीन ने अमेरिकी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उसने कहा है कि इन्होंने हांगकांग के मुद्दे पर 'बहुत बुरा व्यवहार किया है'। इससे पहले, अमेरिका ने हांगकांग में चीन की नीतियों के बदले में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के अधिकारियों के खिलाफ वीजा प्रतिबंध लगाया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के अधिकारियों को दंडित करने का वादा किया था, जो हांगकांग की स्वतंत्रता को नजरअंदाद करने के लिए जिम्मेदार हैं। आज, हम इस वादे को पूरा करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। '

 प्रतिबद्धताओं और दायित्वों को कम कर रहा चीन

उन्होंने यह भी कहा कि हांगकांग की स्वायत्तता का सम्मान करने के लिए चीन-ब्रिटिश समझौते का चीन लगातार कार्रवाई करके अपनी प्रतिबद्धताओं और दायित्वों को कम कर है। उसने लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने और लोकतंत्र समर्थक चुनावी उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों पर दबाव डालकर हांगकांग में मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को कमजोर करना जारी रखा है। 

राष्ट्रीय सुरक्षा बिल को लेकर विरोध

बता दें कि विशेष प्रशासनिक क्षेत्र पर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ विरोध लगातार जारी है। हांगकांग जून 2019 से विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा बिल को लेकर विरोध देखने को मिल रहा है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों ने चीन के इस नए कानून का विरोध किया है। माना जाता है कि वह इसे हांगकांग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इसे लाया है। आलोचकों के अनुसार यह कानून हांगकांग निवासियों को एक देश दो प्रणाली समझौते के तहत मिलने वाली नागरिक स्वतंत्रता को खत्म कर देगा। ब्रिटेन ने 1997 में चीन को क्षेत्र सौंप था, तब से यह समझौता लागू है। 

 

Posted By: Tanisk

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस