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चीन ने नौसैनिक बेड़े को बढ़ाया, जहाजों की संख्या 400 से पार; भारतीय महासागर पर नजर

Published: Sat, 07 Nov 2026 11:13 PM (GMT+05:30)

हर दिन करीब 100 चीनी नौसैनिक जहाज एशिया के व्यस्त समुद्री मार्गों पर सक्रिय रहते हैं। इनमें दक्षिण चीन सागर ...और पढ़ें

चीन ने नौसैनिक बेड़े को बढ़ाया, जहाजों की संख्या 400 से पार

चीन ने नौसैनिक बेड़े को बढ़ाया, जहाजों की संख्या 400 से पार

HighLights

  1. 100 चीनी नौसैनिक जहाज एशिया के व्यस्त समुद्री मार्गों पर सक्रिय रहते हैं

  2. ताइवान के आसपास आमतौर पर छह चीनी युद्धपोत मौजूद रहते हैं

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव लगातार बना रहता है। इस बीच चीन अपनी नौसेना का तेजी से विस्तार कर रहा है। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, चीन के पास अब 400 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं, जो संख्या के लिहाज से अमेरिकी बेड़े से करीब 35 प्रतिशत ज्यादा हैं।

चीन के तीन विमानवाहक पोत पहले से सक्रिय हैं और चौथा बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगला विमानवाहक पोत परमाणु ऊर्जा से चलने वाला हो सकता है। यह आधुनिक इतिहास में शांति काल का सबसे बड़ा नौसैनिक विस्तार माना जा रहा है।

हर दिन करीब 100 चीनी नौसैनिक जहाज एशिया के व्यस्त समुद्री मार्गों पर सक्रिय रहते हैं। इनमें दक्षिण चीन सागर से लेकर जापान और ताइवान के आसपास के पानी शामिल हैं।

ताइवान के आसपास आमतौर पर छह चीनी युद्धपोत मौजूद रहते हैं, जबकि सैन्य अभ्यास के दौरान इनकी संख्या और बढ़ जाती है। दक्षिण चीन सागर में उपस्थिति इससे करीब तीन गुना ज्यादा है।

चीन की यह बढ़ती मौजूदगी अमेरिकी सैन्य योजनाकारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। बीजिंग अपने तटीय क्षेत्रों पर नियंत्रण मजबूत करना, विवादित क्षेत्रों पर दावा जताना और भविष्य के किसी संघर्ष में अमेरिकी हस्तक्षेप रोकना चाहता है।

यह विस्तार चीन के विशाल जहाज निर्माण उद्योग की बदौलत संभव हुआ है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा जहाज निर्माता देश है और हर साल दुनिया के आधे से ज्यादा वाणिज्यिक जहाज बनाता है। अब उसी क्षमता का इस्तेमाल युद्धपोत बनाने में हो रहा है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में ही कहा था कि चीन को समुद्री महाशक्ति बनना चाहिए। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा था कि पश्चिमी देशों ने समुद्री मार्गों के जरिए व्यापार, उपनिवेश और वैश्विक प्रभाव बढ़ाया था।

शंघाई के पास चांग्शिंग द्वीप पर स्थित शिपयार्ड में भारी गतिविधि दिख रही है। यहां एक साथ उभयचर जहाज, क्रूजर, डिस्ट्रॉयर और फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। हाल ही में यहां एक नया परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बी का वर्ग भी नजर आया है।

अमेरिकी अधिकारियों का अनुमान है कि 2040 तक चीनी पनडुब्बियां नियमित रूप से हिंद महासागर और आर्कटिक के पास सक्रिय हो सकती हैं।

चीन अभी भी कुल टन भार में अमेरिका से पीछे है, लेकिन वह तेजी से बड़े और आधुनिक जहाज बना रहा है। 2020 से अब तक चीन ने 71 बड़े युद्धपोत और पनडुब्बियां जोड़ी हैं, जिनमें पिछले साल अकेले 19 शामिल हैं।

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