बीजिंग, एएनआइ। नए प्रकाशित शोध ने इस बात के पुख्ता सबूत दिए हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानने के कारण चीन, उइगर आबादी का धीमा नरसंहार कर रहा है। चाइना स्टडीज के एक वरिष्ठ साथी एड्रियन जेंज और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून में विशेषज्ञता वाले वकील एरिन रोसेनबर्ग ने विदेश नीति के लिए लिखा है उइगरों में जन्मदर रोककर चीन इस समुदाय का नरसंहार कर रहा है। दुनिया के कम से कम पांच देशों की सरकारों का यही मानना है।

चीनी शिक्षाविदों और अधिकारियों के प्रकाशित बयानों और रिपोर्टो के आधार पर सेंट्रल एशियन सर्वे में आने वाली रिपोर्ट में जेंज ने व्यापक और ध्यान आकर्षित करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। इस रिपोर्ट का मूल संदेश यह है कि उइगर आबादी को चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाला माना जाता है। चीन ने आतंकवाद निरोधी मुहिम के लिए उइगरों की जन्मदर को इस तरह नियंत्रित किया है कि 2040 तक सालाना 26 से 45 लाख बच्चों का ही जन्म होगा।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप