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चीन और बांग्लादेश तीस्ता नदी के प्रबंधन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमत, भारत पर क्या होगा असर?

Published: Fri, 26 Jun 2026 12:06 AM (IST)Updated: Fri, 26 Jun 2026 12:11 AM (IST)

चीन और बांग्लादेश ने तीस्ता सहित अन्य नदियों के प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

तीस्ता नदी पर बांग्लादेश और चीन के बीच सहमति

तीस्ता नदी पर बांग्लादेश और चीन के बीच सहमति

HighLights

  1. चीन-बांग्लादेश तीस्ता नदी प्रबंधन सहयोग बढ़ाने पर सहमत।

  2. बांग्लादेश ने चीन से जल संसाधन प्रबंधन में मदद मांगी।

  3. चीन ने तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण का आश्वासन दिया।

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। बांग्लादेश और चीन ने गुरुवार को तीस्ता और अन्य नदियों के प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह समझौता तब हुआ, जब चीन के जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की, जो इस समय बीजिंग में हैं।

चीन कई सालों से तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना को विकसित करने में दिलचस्पी दिखा रहा है। यह परियोजना भारत के संवेदनशील सिलीगुड़ी कारिडोर के पास स्थित है, जो मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है।

बांग्लादेश ने मांगा चीन का समर्थन

मुलाकात के दौरान रहमान ने बांग्लादेश के जल संसाधन प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए चीन का समर्थन मांगा। उन्होंने तीस्ता प्रबंधन परियोजना के लिए चीन से तकनीकी मदद भी मांगी।

चीनी मंत्री ने बांग्लादेश सरकार की पहलों में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। 2005 में ढाका और बीजिंग के बीच हुए समझौते और पिछले साल चीनी जल विशेषज्ञों के बांग्लादेश दौरे का जिक्र करते हुए ली ने कहा कि जल संसाधन प्रबंधन में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग व्यावहारिक और शोध पर आधारित है।

रहमान ने बांग्लादेश में नदी के किनारे की कटान को रोकने, सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और देश के भीतर जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भी चीन से मदद मांगी।

चीन ने कहा कि बांग्लादेश जल प्रबंधन के मामले में चीन के अनुभव का फायदा उठा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चीन में ट्रेनिंग लेने के लिए आमंत्रित किया।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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