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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन से हजारों हथियार खरीद रहा कंबोडिया, गोपनीय समझौते से किया इन्कार

By Jagran News NetworkEdited By:
Published: Mon, 29 Jul 2019 05:42 PM (IST)Updated: Mon, 29 Jul 2019 05:47 PM (IST)

कंबोडिया चीन से हजारों की संख्‍या में हथियार खरीद रहा है। प्रधानमंत्री हुन सेन ने बताया कि हथियारों की खरीद ...और पढ़ें

चीन से हजारों हथियार खरीद रहा कंबोडिया, गोपनीय समझौते से किया इन्कार
चीन से हजारों हथियार खरीद रहा कंबोडिया, गोपनीय समझौते से किया इन्कार

नॉमपेन्ह, एएफपी। कंबोडिया चीन से हथियार खरीद रहा है। हथियारों की खेप कंबोडिया लाई जा रही है। कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने इसकी पुष्टि की है। प्रधानमंत्री हुन सेन ने सोमवार को कहा कि उनका देश चीन से हजारों की संख्या में हथियार खरीद रहा है। इस बयान से ठीक उलट हुन सेन ने पिछले सप्ताह चीन के साथ गोपनीय समझौते की खबरों से इन्कार किया था।

इन खबरों में कहा गया था कि इस समझौते के तहत कंबोडिया ने चीन के युद्धपोतों के लिए अपना एक नौसैनिक अड्डा इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। चीन के साथ हथियार सौदे पर हुन सेन ने कहा, हथियारों की खरीद हो चुकी है। अब उनकी खेप कंबोडिया लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह सौदा चीन से किए गए 29 करोड़ डॉलर (करीब दो हजार करोड़ रुपये) के हथियार करार से इतर है।

चीन के लिए अपने महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डे रीम को खोलने की खबर पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हुन सेन ने कहा था कि यह उनके देश को बदनाम करने की साजिश है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले 34 वर्षो से कंबोडिया की सत्ता पर काबिज हुन सेन चीन के प्रभाव में काम कर रहे हैं। अपनी विस्तारवादी नीति के तहत चीन बीते कुछ वर्षो में कंबोडिया में कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू कर चुका है।

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