बीजिंग, पीटीआइ। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में 95 चीनी पुलिस अधिकारियों और 46 चिकित्सा कर्मचारियों की मौत हो गई। चीनी मीडिया ने शनिवार को पहली बार वैश्विक स्वास्थ्य संकट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अधिकारियों के हताहत होने का खुलासा किया। चीन शनिवार को शहीदों और कोरोनोवायरस प्रकोप के पीड़ितों के लिए एक राष्ट्रीय स्मारक का आयोजन किया।

चीन में कोरोना वायरस ( COVID-19) के 81,639  मामले  सामने आए थें। जिनमें से  3,326 मौतों की पुष्टि की गई है, जिनमें से अधिकांश उपरिकेंद्र हुबेई प्रांत और इसकी राजधानी वुहान से हैं, जहां पिछले साल के अंत में घातक वायरस की उत्पत्ति हुई थी। आधिकारिक मीडिया ने चीनी सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि गुरुवार तक, कुल 60 सीमावर्ती पुलिस अधिकारियों और 35 सहायक पुलिस अधिकारियों ने लड़ाई के मोर्चे पर अपने प्राण गंवा दिए। 

15 मार्च तक, कम से कम 46 चिकित्सा कर्मचारियों ने संक्रमण के कारण अपनी जान कुर्बान कर दी है। इससे पहले, चीनी अधिकारियों ने कहा कि 3,000 से अधिक चिकित्सा कर्मचारियों ने वायरस को अनुबंधित किया है। चीन ने हुबेई में 42,000 चिकित्सा कर्मचारियों को तैनात किया है और बढ़ते मामलों को समायोजित करने के लिए 14 अस्थायी अस्पताल बनाए हैं। हुबेई प्रांत ने अब तक वुहान में 50,008 सहित 67,803 मामलों की पुष्टि की है।

जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल, कोरोना वायरस पुरी दुनिया के सभी देशों में फैल चुका है। फिलहाल किसी देश के पास इस वायरस को लेकर कोई इलाज नहीं है। सभी देशों ने कोरोना के प्रसर को रोकने के लिए अपनी-अपनी सीमाओं को विदेशों के लिए बंद कर दिया है। दरअसल, कोरोना वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इस वायरस से बचने का एक ही उपाय है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग। इसी उपाय को बाकी देश अपना रहे हैं। हालांंकि, इससे संक्रमित कई लोग ठीक भी हुए हैं और हो भी रहे हैं।

Posted By: Ayushi Tyagi

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