विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रद होगी आतंकी तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता, पीएम कार्नी के भारत दौरे से पहले बड़ा फैसला

Published: Tue, 24 Feb 2026 11:28 AM (IST)Updated: Tue, 24 Feb 2026 11:38 AM (IST)

कनाडा सरकार 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में कथित भूमिका के लिए पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा की ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा सरकार मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा हुसैन की नागरिकता रद करने की कोशिश कर रही है। हुसैन पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।

64 साल का राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिश करने वालों में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी है।

1997 में पहुंचा था कनाडा

ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इमिग्रेशन अधिकारियों ने राणा को बताया है कि वे उसकी 2001 में मिली कैनेडियन नागरिकता छीनना चाहते हैं। वह 1997 में कनाडा आया था और बाद में उसे डेनमार्क के एक अखबार के स्टाफ पर हमला करने की साजिश रचने के लिए अमेरिका में दोषी ठहराया गया।

26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से भारत लाया गया था। नई दिल्ली पहुंचते ही उसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार कर लिया।

क्यों रद की जा रही नागरिकता?

अपने फैसले में इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने लिखा कि राणा की नागरिकता आतंकवाद के लिए नहीं, बल्कि इसलिए रद की जा रही है क्योंकि उसने अपने एप्लीकेशन फॉर्म में झूठ बोला था।

IRCC ने एक रिपोर्ट में लिखा कि जब राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवदेन किया तो उसने दावा किया कि वह पिछले चार सालों से ओटावा और टोरंटो में रह रहा है और देश से सिर्फ छह दिन बाहर रहा है। हालांकि, जांच में पता चला कि उसने असल में लगभग पूरा समय शिकागो में बिताया था, जहां उसकी कई प्रॉपर्टी और बिजनेस थे।

नागरिकता रद करने के फैसले में उस पर एक गंभीर और जानबूझकर धोखा देने का आरोप लगाया गया। कहा गया कि कनाडा के नागरिकता कानूनों का सम्मान न करने की वजह से इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें गलत तरीके से नागरिकता दे दी।

IRCC ने 31 मई, 2024 को उसे लिखा, "आपका मामला ऐसा है जिसमें ऐसा लगता है कि आपने नागरिकता के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान कनाडा में अपने रहने की जगह के बारे में गलत जानकारी दी, जानबूझकर कनाडा से अपनी गैर-मौजूदगी बताने में नाकाम रहे।"

आगे लिखा गया, "आपकी गलत जानकारी की वजह से फैसला लेने वालों को लगा कि आपने नागरिकता के लिए रहने की जरूरतें पूरी कर ली हैं, जबकि ऐसा लगता है कि आपने ऐसा नहीं किया था।"

कनाडा सरकार का क्या कहना है?

सरकार ने कहा कि वह उनके मामले को फेडरल कोर्ट को भेज रही है। उसका इस बारे में आखिरी फैसला है कि नागरिकता गलत जानकारी या धोखाधड़ी या जानबूझकर जरूरी हालात छिपाकर हासिल की गई थी या नहीं।

ग्लोबल रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि तहव्वुर राणा का प्रतिनिधित्व करने वाले टोरंटो के एक इमिग्रेशन वकील ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है, यह तर्क देते हुए कि यह गलत था और उनके अधिकारों का उल्लंघन था।

यह भी पढ़ें: उत्तर से दक्षिण तक तहव्वुर राणा ने लगाया था चक्कर, आतंकी के कुबूलनामे से 26/11 की छिपी परतें उजागर