वॉशिंगटन, रॉयटर्स। अमेरिकी कांग्रेस और कुछ पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदारों ने मंगलवार को ईरान द्वारा इराक में अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ जवाबी मिसाइल हमले को लेकर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने को लेकर सचेत किया है। ईरान ने इराक में अमेरिका के दो सैन्‍य ठिकानों पर एक दर्जन से ज्‍यादा मिसाइलें दागी हैं। एयरबेस पर अमेरिका के साथ गठबंधन सेनाएं (Al-Assad and Irbil) तैनात हैं।

अमेरिकी हाऊस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्‍स की स्‍पीकर नैंसी पेलोसी ने ट्वीट किया, 'इराक में अमेरिकी सैनिकों को लक्षित करने वाले बम विस्फोटों के बाद की स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है। हमें अपने सेवा सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें प्रशासन से अनावश्यक उकसावे को समाप्त करना और ईरान द्वारा अपनी हिंसा को रोकने की मांग करना शामिल है।' पेलोसी ने आगे कहा कि अमेरिका और दुनिया युद्ध नहीं झेल सकते। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुलेमानी पर हमले का आदेश इस आधार पर दिया था कि ईरानी जनरल अमेरिकियों पर हमला करने की योजना बना रहे थे।

अमेरिका और ईरान में काफी समय से तनाव चल रहा है। अमेरिका द्वारा बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्‍ट्राइक की गई, जिसमें सुलेमानी की मौत हो गई। सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था तभी एक रॉकेट हमले की जद में आ गया। हमले में ईरान अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई।

इसके बाद ईरान हर रोज अमेरिका से बदला लेने की बात कह रहा था। जहां फिर बुधवार सुबह खबर मिली की ईरान ने इराकी सीमा स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर दिया। ईरान ने इराक में अमेरिका के दो सैनिक ठिकानों पर एक दर्जन से ज्‍यादा मिसाइलें दागी हैं। पेंटागन ने कहा कि ईरान ने इरबिल और अल असद इलाके में मौजूद उस एयरबेस को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए हैं।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि नुकसान और हताहतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान के ताजा मिसाइल हमलों में 80 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Posted By: Nitin Arora

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