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महिला वोटरों ने पलटी बाजी, अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त; युवाओं ने भी ट्रंप की नीतियों को नकारा

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:00 AM (IST)

एग्जिट पोल के अनुसार, 61 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों और 38 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया। वर्ष ...और पढ़ें

महिला वोटरों ने पलटी बाजी, अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त

महिला वोटरों ने पलटी बाजी, अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त

HighLights

  1. 53 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों को दिया वोट, युवा और अश्वेत महिलाों का भी व्यापक समर्थन

  2. ट्रंप की नीतियों से नाराज युवा मतदाताओं ने भी बदला रुख, हार के बाद रिपब्लिकन खेमे में आत्ममंथन की मांग

द कन्वर्सेशन, लंदन। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे महिला मतदाताओं की अहम भूमिका सामने आई है। बड़ी संख्या में महिलाओं ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, करीब 6.4 करोड़ महिलाओं ने वोट डाला, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग 5.6 करोड़ रही। कुल मतदान में महिलाओं की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत थी।

हालांकि, एग्जिट पोल के अनुसार, 61 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों और 38 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया। वर्ष 2024 की तुलना में महिला मतदाताओं के रुझान में 13 प्रतिशत का बदलाव दर्ज किया गया।

महिलाओं का समर्थन लगभग हर आयु वर्ग में डेमोक्रेट उम्मीदवारों को मिला। 18 से 29 वर्ष की 70 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में मतदान किया, जो 2024 के मुकाबले नौ प्रतिशत अधिक है।

अश्वेत महिलाओं में यह समर्थन 93 प्रतिशत रहा, जबकि लैटिनो महिलाओं के 68 प्रतिशत वोट डेमोक्रेट उम्मीदवारों को मिले। चुनाव से पहले हुए सर्वेक्षणों में भी महिलाओं का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर दिखाई दे रहा था, लेकिन मतदान के बाद यह अंतर और बढ़ गया।

महिला उम्मीदवारों ने भी दर्ज की सफलता

इस चुनाव में महिला मतदाताओं के साथ महिला उम्मीदवारों की मौजूदगी और सफलता भी चर्चा में रही। अमेरिकी इतिहास में पहली बार प्रतिनिधि सभा के लिए करीब 100 महिलाएं चुनी गईं। इससे अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत मिला है।

युवाओं ने भी ट्रंप की नीतियों को नकारा

महिला मतदाताओं के अलावा युवाओं का रुख भी डेमोक्रेट पार्टी के पक्ष में रहा। एपी के वोटर पोल के अनुसार, 30 वर्ष से कम आयु के करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने ट्रंप की नीतियों के विरोध में वोट दिया। युवा मतदाताओं में ट्रंप के चुनावी वादे पूरे न होने को लेकर नाराजगी प्रमुख वजह रही। पोल में शामिल एक लाख लोगों में से 30 प्रतिशत ने अपने क्षेत्र के डेमोक्रेट उम्मीदवार का समर्थन किया।

रिपब्लिकन खेमे में हार पर मंथन

चुनाव नतीजों के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी हार के कारणों पर चर्चा तेज हो गई है। फ्लोरिडा के गवर्नर रान डीसैंटिस ने नतीजों को पार्टी के लिए अस्तित्व के संकट जैसा बताया, जबकि टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज ने इसकी तुलना वाटरगेट कांड से की।

पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने भी इसे ऐतिहासिक घटनाक्रम बताया। पार्टी के कुछ नेताओं और समर्थकों को चिंता है कि ट्रंप की राजनीतिक शैली के कारण मतदाताओं का समर्थन और कमजोर हो सकता है।

रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 81 करोड़ डॉलर जुटाने वाले सीनेट लीडरशिप फंड के कार्यकारी निदेशक एलेक्स लैटचम ने भी पार्टी को आत्ममंथन की जरूरत बताई है। चुनावी नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी के सामने महिला और युवा मतदाताओं का भरोसा दोबारा हासिल करने की चुनौती खड़ी कर दी है।

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