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'जल्द शुरू होगी जंग...' ग्रीनलैंड पर कब्जे की तैयारी में जुटे ट्रंप, डेनमार्क के सांसद ने किया बड़ा दावा

Published: Wed, 07 Jan 2026 10:00 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को खरीदने या उस पर नियंत्रण करने की तैयारी में हैं। वे इसे राष्ट्रीय सुरक्षा ...और पढ़ें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (फाइल)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (फाइल)

HighLights

  1. ट्रंप ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं।

  2. डेनमार्क और यूरोपीय देश ट्रंप के ग्रीनलैंड अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं।

  3. अमेरिकी विदेश मंत्री बातचीत से ग्रीनलैंड मुद्दा सुलझाने पर जोर दे रहे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए वह सेना के उपयोग और ग्रीनलैंड को खरीदने समेत विभिन्न विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस द्वीप पर नियंत्रण चाहते हैं। हालांकि उनके इस कदम का यूरोपीय देश विरोध कर रहे हैं।

डेनमार्क के सांसद रासमुस जार्लोव ने कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का प्रशासन ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए एक सहयोगी देश के साथ लगभग युद्ध शुरू कर रहा है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। वह ग्रीनलैंड को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता के तौर पर देखते हैं।

बयान के अनुसार, 'राष्ट्रपति और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण विदेश नीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। इस प्रयास में यकीनन कमांडर-इन-चीफ के पास अमेरिकी सेना का उपयोग हमेशा एक विकल्प है।' जबकि डेनमार्क के नियंत्रण वाला ग्रीनलैंड लगातार यह कह रहा है कि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता है।

प्रमुख यूरोपीय शक्तियों और कनाडा ने इस आर्कटिक क्षेत्र के लिए एकजुटता दिखाई है। ट्रंप के इस कदम से अमेरिका के लंबे समय से सहयोगी डेनमार्क, यूरोप और नाटो में हड़कंप मचा है।

इस कारण यह द्वीप चाहते हैं ट्रंप

ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से ग्रीनलैंड की जरूरत है। आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की उपस्थिति बढ़ रही है। यह रणनीतिक मामला है। ग्रीनलैंड हर जगह रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है। डेनमार्क सुरक्षा करने में सक्षम नहीं होगा।

ट्रंप ने पिछले साल भी ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की बात कही थी। बता दें कि डेनमार्क के नियंत्रण वाला ग्रीनलैंड यूरोप और उत्तरी अमेरिका के मध्य स्थित है। अमेरिका वहां बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करना चाहता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कही यह बात

आइएएनएस के अनुसार, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने देश के सांसदों से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के जरिये ग्रीनलैंड को हासिल करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस का हालिया सख्त बयान अमेरिका की तरफ से किसी सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं है।

ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करना चाहते बल्कि उसे खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मकसद ग्रीनलैंड के भविष्य के लिए डेनमार्क पर बातचीत के लिए दबाव डालना है।

वार्ता चाहते हैं डेनमार्क और ग्रीनलैंड

एपी के अनुसार, डेनमार्क और ग्रीनलैंड अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ वार्ता चाहते हैं। ग्रीनलैंड पर व्हाइट हाउस के ताजा बयान के बाद वार्ता की पेशकश की गई है। इससे पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसन ने दो टूक कहा था कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा किया तो इसका सीधा अर्थ नाटो सैन्य गठबंधन का अंत होगा।

जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन के नेताओं ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि खनिज संपदा से संपन्न यह द्वीप यहां के लोगों का है। जबकि स्विट्जरलैंड का कहना है कि ग्रीनलैंड की स्थिति में किसी भी बदलाव के लिए डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सहमति जरूरी है।

(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)