अमेरिका-ईरान के बीच फिर महासंग्राम, ट्रंप का तेहरान को सख्त अल्टीमेटम; मिसाइल हमलों से खाड़ी देशों में हाहाकार
अमेरिका ने अपने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगा बुधवार को ईरान के खिलाफ हमला बोल दिया। अमेरिकी ...और पढ़ें

अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के बदले में ईरान पर किया हमला (फोटो- एक्स)
HighLights
अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के बदले में ईरान पर किया हमला
अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के लगभग 20 ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
कुवैत व जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, बहरीन में पांचवें बेड़े पर दागीं मिसाइलें
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया एक बार फिर महासंग्राम की चपेट में आ गया है। 102 दिनों बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर लड़ाई शुरू हो गई है।
अमेरिका ने अपने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगा बुधवार को ईरान के खिलाफ हमला बोल दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के करीब 20 ठिकानों को निशाना बनाकर बमबारी की। इस पर ईरान ने भी पूरी ताकत के साथ पलटवार किया। उसने खाड़ी देशों कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
बहरीन में उसके पांचवें बेड़े पर भी मिसाइलों से हमला किया। ईरान ने एफ-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर को तबाह करने और 21 अमेरिकी हवाई और नौसैनिक अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया।
इस बीच, ट्रंप ने कहा कि तेहरान ने समझौते के लिए बातचीत में बहुत ज्यादा समय लिया है। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था और सात अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय आया है, जब लेबनान के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर ईरान ने रविवार को इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था।
इसके जवाब में इजरायल ने भी ईरान पर हवाई हमले किए। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में दोनों पक्षों ने हमले रोकने की घोषणा की थी।
सात अप्रैल को युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान और इजरायल ने एक-दूसरे पर हमले किए थे। इस घटना के दो दिन बाद ट्रंप ने दावा किया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी सैन्य हेलीकाप्टर को ईरान ने मार गिराया और अमेरिकी सेना इसका जवाब देगी।
एपी के अनुसार, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने बताया कि अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान में वायु रक्षा प्रणालियों, जमीनी नियंत्रण स्टेशन और निगरानी ठिकानों का निशाना बनाकर हमले किए।
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा, "यह अभियान अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों के जवाब के रूप में चलाया गया।"
रॉयटर के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने करीब चार घंटे तक हमले किए। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के करीब 20 ठिकानों को निशाना बनाया गया। जबकि ईरानी सैन्य बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आइआरजीसी) ने पोर्ट सिटी सिरिक और केश्म द्वीप के आसपास हमलों की पुष्टि की, लेकिन नुकसान के बारे में जानकारी नहीं दी।
ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास और होर्मुज स्ट्रेट के समीप जास्क में धमाकों की खबर दी। आईआरजीसी ने दावा किया कि अमेरिका के ताजा आक्रमण के जवाब में बहरीन, कुवैत और जार्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया।
उसने जॉर्डन में अमेरिका के अल-अजराक बेस पर चार जगहों पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं, जिसमें एफ-35 फाइटर जेट हैंगर और एक कमांड कंट्रोल सेंटर शामिल थे। जबकि एक अमेरिकी अधिकारी ने लगभग सभी ईरानी मिसाइलों व ड्रोन को मार गिराने और सैन्य अड्डों को कोई नुकसान नहीं होने का दावा किया है।
जॉर्डन की सेना ने भी पांच ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की बात कही है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने दुश्मन के हमले को नाकाम कर दिया। जबकि बहरीन ने भी इसी तरह का दावा किया है।
ईरानी ड्रोन से टकराया था अपाचे
एपी के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने अपाचे घटना की चल रही जांच के बारे में बताया कि यह अमेरिकी हेलीकाप्टर होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह टक्कर जानबूझकर की गई थी या नहीं।
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी सैन्य हेलीकाप्टर को ईरान ने मार गिराया। हेलीकाप्टर में सवार दो पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अमेरिका को चेतावनी, सुरक्षित रहना चाहते हैं तो...
एएनआई के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ईरानी सेना किसी भी हमले या धमकी पर चुप नहीं रहेगी। जवाब देगी।" उन्होंने इसके साथ ही अमेरिका को यह चेतावनी भी दी, "अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र से बाहर चले जाएं।"
संरा प्रमुख ने दी पूर्ण युद्ध की चेतावनी
आईएएनएस के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में "पूर्ण युद्ध" छिड़ने की चेतावनी देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने बुधवार को इस क्षेत्र के लिए सुरक्षा का नया ढांचा बनाने की मांग की।
उन्होंने सुरक्षा परिषद से कहा कि खाड़ी क्षेत्र में युद्धविराम असल में कम तीव्रता वाले संघर्ष जैसा है। हमें इसके पूर्ण संघर्ष या दूसरे शब्दों में पूर्ण युद्ध में बदलने के जोखिम को कम करके नहीं आंकना चाहिए।
