अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में मतदान के लिए उमड़े वोटर, थोड़ी देर में थम जाएगी वोटिंग; नतीजे आज
चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हैं।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में मतदान के लिए उमड़े वोटर (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ईरान युद्ध, महंगाई और टैरिफ के मुद्दों पर घिरे राष्ट्रपति ट्रंप के लिए चुनाव बना प्रतिष्ठा का प्रश्न
435 प्रतिनिधि और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान, 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी मुकाबला
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ युद्ध, मनमाने टैरिफ और बढ़ती महंगाई को लेकर अमेरिकी जनता में असंतोष के बीच मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हुआ। बुधवार को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे जारी किए जाएंगे। इन चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।
अल जजीरा के अनुसार, सबसे पहले वेरमोंट में सुबह पांच बजे मतदान शुरू हुआ। इसके बाद न्यू जर्सी, वर्जीनिया, कनेक्टिकट, केंटकी और इंडियाना के कुछ हिस्सों में भी मतदान खत्म होने को है।
शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग ने सभी 50 राज्यों में करीब 1,000 चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। भारतीय समयानुसार मतदान बुधवार तड़के 4:30 बजे तक चलेगा। नतीजे बुधवार को आएंगे।
कांग्रेस पर कब्जे की लड़ाई
चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हैं। फिलहाल कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। प्रतिनिधि सभा में उसके 218 और सीनेट में 51 सदस्य हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में 214 और सीनेट में निर्दलीय सदस्यों समेत कुल 47 सदस्य हैं।
एपी के अनुसार, इन चुनावों से तय होगा कि ट्रंप की पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बनाए रख पाती है या डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेती है। ओपिनियन पोल भी डेमोक्रेट्स की वापसी के संकेत दे रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शेष दो वर्षों में उनके लिए फैसले लागू कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रेट्र के अनुसार, ट्रंप को आशंका है कि इन चुनावों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी की सीटें घट सकती हैं। उन्होंने मतदाताओं से इसे अपने पक्ष में जनमत संग्रह मानकर मतदान करने की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी की सीटें बढ़ती हैं तो वह 'मिस्टर वीटो' बन जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने कामकाज में कांग्रेस को बाधा नहीं बनने देंगे।
खराब मौसम और तकनीकी दिक्कतें
कुछ राज्यों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण मतदान प्रभावित हुआ है। फ्लोरिडा, कोलोराडो, एरिजोना, यूटा और न्यू मैक्सिको में कई मतदान केंद्रों को बदलना पड़ा है। मतदाताओं को इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया के जरिये दी गई।
फ्लोरिडा में चक्रवात के चलते भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से 19 केंद्रों पर मतदान प्रभावित हुआ। समाचार लिखे जाने तक करीब 50 लाख मतदाताओं ने वोट दे दिया था।
न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में भी मतदान के दौरान तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। यहां कुछ वोटिंग मशीनें कागज के मोटे मतपत्रों को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं। वोट स्कैनरों में भी परेशानी की खबरें आईं।
इन राज्यों को मिल सकती हैं पहली महिला गवर्नर
सीएनएन के अनुसार, कई राज्य ऐसे हैं जहां पहली बार किसी महिला को गवर्नर बनने का मौका मिल सकता है। जार्जिया से डेमोक्रेटिक पार्टी की गवर्नर पद की उम्मीदवार कीशा लांस बाटम्स न केवल राज्य की पहली महिला गवर्नर बन सकती हैं, बल्कि पूरे देश की पहली अश्वेत महिला गवर्नर भी हो सकती हैं। मिनेसोटा भी अपनी पहली महिला गवर्नर चुन सकता है।
यहां डेमोक्रेटिक सीनेटर एमी क्लोबुचर इस पद की दावेदार हैं। टेनेसी में भी राज्य की पहली महिला गवर्नर चुनी जा सकती हैं, जहां रिपब्लिकन सीनेटर मार्शा ब्लैकबर्न, डेमोक्रेट जेरी ग्रीन से आगे चल रही हैं। ओहायो को भी पहली महिला गवर्नर मिल सकती है, बशर्ते डेमोक्रेट एमी एक्टन अपने प्रतिद्वंद्वी भारतवंशी रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी को हरा दें।
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