वॉशिंगटन, पीटीआइ। कश्मीर के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के एक प्रवक्ता एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि भारत में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के कर्मियों कश्मीर में काम करने में सक्षम हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, 'हम स्पष्ट रूप से कश्मीर की स्थिति के बारे में चिंतित हैं। मैं यह समझ रहा हूं कि भारत में हमारे कुछ मानवीय संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के सहयोगियों वहां(भारत, कश्मीर) काम करने में सक्षम हैं।'

दुजारिक से न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के बारे में पूछा गया था जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में लोगों को वहां संचार के कारण चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही है और संयुक्त राष्ट्र क्या कर रहा है ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।

5 अगस्त को पहली बार कश्मीर पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे, उसकी वजह थी कि केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख में विभाजित करने के अपने निर्णय की घोषणा की थी। अब हालात बिगड़े ना इसी वजह से वहां कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि अब बताया जा रहा है कि वहां स्थिति सुधर रही है और कुछ लोग ऐसे भी सामने आए है जो सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं।

कश्मीर में दो महीने से सामान्य जनजीवन में दिक्कत आई है, क्योंकि वहां मुख्य बाजार बंद रहे, लेकिन अब आए दिन कश्मीर घाटी के हालात सुधरने की अच्छी खबर सामने आ रही है। वहीं आपको बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्‍मीर घाटी में यात्रियों के लिए गृह विभाग के निर्देश पर जारी की गई ट्रैवल एडवाजरी तुरंत प्रभाव से हटा दी गई है। राज्य प्रशासन ने 2 अगस्त को अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी में आतंकी खतरे का हवाला देते हुए जल्द से जल्द कश्मीर छोड़ने के लिए कहा था। फिर Article 370 को खत्म करना, हालांकि अब 10 अक्‍टूबर से पर्यटक जम्‍मू-कश्‍मीर जा सकेंगे।     

Posted By: Nitin Arora

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप