वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका भारत व्‍यापार आयोग (USIBC) ने गुरुवार को भारत की संसद में पेश निजी डाटा सुरक्षा विधेयक के प्रावधानों पर चिंता जताई है। आयोग ने कहा, इस विधेयक के कुछ प्रावधान प्राइवेट सेक्‍टर के लिए गंभीर चिंता का विषय है। बुधवार को USIBC की अध्‍यक्ष निशा देसाई बिस्‍वाल ने कहा, ‘इस विधेयक में डाटा प्राइवेसी के मुख्‍य मुद्दों के अलावा कई नए प्रावधान हैं जो प्राइवेट सेक्‍टर के लिए गंभीर चिंता का विषय है।’

भारत में भी कुछ दलों ने इस विधेयक को अधिकारों का हनन बता विरोध जताया है। इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह फेसबुक, गूगल समेत सभी कंपनियों से तमाम डाटा की जानकारी मांग सकता है।

इससे पहले अमेरिकी आयोग ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कहा था कि यह ‘गलत दिशा में खतरनाक कदम’ है।

ये होंगे विधेयक के नियम-

इस नए विधेयक के तहत डाटा प्रोटेक्‍शन अथॉरिटी बनाई जाएगी और इसके नियमों का उल्‍लंघन करने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। इसके अलावा डाटा के इस्‍तेमाल से पहले उपभोक्ता की मंजूरी जरूरी लेनी होगी वहीं बायोमेट्रिक डाटा के लिए सरकार की मंजूरी आवश्‍यक होगी। बच्‍चों के लिए भी इस मामले में सख्‍त कानून होगा। सभी कंपनियों को अपने डाटा की तमाम जानकारी सरकार के साथ शेयर करना होगा।

 

Posted By: Monika Minal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस