न्यूयॉर्क, आइएएनएस। अंतरिक्ष में टूटे उपग्रहों की मरम्मत के लिए मनुष्यों को भेजना काफी खर्चीला है, ऐसे में रोबोटिक उपग्रहों पर काम करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि रोबोट उपग्रहों तक जा सकते हैं और उनकी मरम्मत करने के साथ-साथ उनमें ईंधन भी भर सकते हैं।

अमेरिका की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ओउ मा ने कहा, बड़े वाणिज्यिक उपग्रह महंगे होते हैं और ईंधन खत्म होने पर काम करना बंद कर देते हैं। मनुष्य को वहां भेजकर उन्हें ठीक करवाना बेहद खर्चीला काम है। ऐसे में रोबोट सबसे उपयोगी साबित हो सकते हैं और वे आसानी से इनकी मरम्मत भी कर सकते हैं। अपनी प्रयोगशाला में मा और सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ रिसर्च एसोसिएट अनूप सथयान रोबोटिक नेटवर्क विकसित कर रहे हैं जो स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं, लेकिन एक कॉमन टास्क के मामले में एक-दूसरे का सहयोग भी कर सकते हैं।

नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने रोबोट के एक समूह को एक गेम के साथ परीक्षण के लिए रखा, जो एक मेज पर निर्दिष्ट स्थान पर टोकन को स्थानांतरित करने के लिए स्टिंग का उपयोग करता है। जेनेटिक फ्यूजी लॉजिक नामक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) की मदद से शोधकर्ता रोबोट के जरिये टोकन वहां ले गए जहां वे उन्हें ले जाना चाहते थे।

जर्नल रोबोटिका में प्रकाशित निष्कषों से पता चला कि पांच रोबोटों का उपयोग करके सामूहिक कार्यो को आसानी से पूरा किया जा सकता है, भले ही एक में कुछ खराबी क्यों न हो।

Posted By: Nitin Arora

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