'समझौता नहीं हुआ तो सेना युद्ध के लिए तैयार', होर्मुज पर ईरान को अमेरिका की नई चेतावनी
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि चीन ने मध्य पूर्व युद्धविराम के दौरान ईरान को हथियार न भेजने का आश्वासन दिया है।

अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह मौजूदा सीजफायर के दौरान ईरान को हथियारों की आपूर्ति नहीं करेगा। अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने गुरुवार 16 अप्रैल 2026 को पेंटागन में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस बात की पुष्टि की है।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने आगे कहा कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सेनाएं, अगर ईरान किसी शांति समझौते पर राजी नहीं होता, तो फिर से लड़ाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ईरान एक समृद्ध भविष्य, एक सुनहरा पल चुन सकते हैं, और हमें उम्मीद है कि आप ईरान की जनता के लिए ऐसा ही करेंगे।
ईरान पर समझौते के लिए दबाव
लेकिन अगर ईरान कोई गलत फैसला लेता है, तो उसे नाकेबंदी का सामना करना पड़ेगा और उसके बुनियादी ढांचे, बिजली और ऊर्जा केंद्रों पर बम गिराए जाएंगे।
तेहरान पर किसी समझौते के लिए दबाव बनाने की मुहिम के तहत, अमेरिकी सेनाएं उन सभी जहाजों की नाकेबंदी कर रही हैं जो ईरान में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान का झंडा लगे जहाज पर सख्ती
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि हम ईरान का झंडा लगे किसी भी जहाज या ईरान को किसी भी तरह की सामग्री सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहे किसी भी जहाज का सख्ती से पीछा करेंगे।
नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले जहाजों को रोककर चेतावनी दी जाएगी कि अगर आप इस नाकेबंदी का पालन नहीं करते हैं, तो हम बल प्रयोग करेंगे। उन्होंने ब्रीफिंग में बताया कि यह कार्रवाई ईरान के समुद्री क्षेत्र के भीतर और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र, दोनों जगहों पर की जाएगी।
नाकाबंदी का बढ़ा दायरा
अमेरिकी नौसेना ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी का दायरा बढ़ाते हुए उन जहाजों को भी शामिल कर लिया है जिन्हें अवैध माल माना जाता है। नौसेना ने चेतावनी दी है कि ईरानी क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए संदिग्ध जहाजों पर हमलावर कार्रवाई के तहत तलाशी ली जा सकती है।
अल जजीरा के अनुसार, नौसेना ने कहा कि ये जहाज, चाहे वे कहीं भी स्थित हों, तलाशी, चढ़ाई, खोज और जब्ती के दायरे में हैं।
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