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ईरान पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार अमेरिका? US से मिडिल इस्ट के लिए रवाना हुआ सबसे बड़ा विमानवाहक पोत

Published: Fri, 13 Feb 2026 08:30 PM (IST)

अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपना सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड पश्चिम एशिया ...और पढ़ें

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में भेजा सबसे बड़ा विमानवाहक पोत

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में भेजा सबसे बड़ा विमानवाहक पोत

HighLights

  1. अमेरिका ने सबसे बड़ा विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया भेजा।

  2. ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं लगातार बढ़ीं।

  3. कतर से मिसाइल हमले की तैयारी, पैट्रियट मिसाइलें तैनात।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अब दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत को पश्चिम एशिया की ओर भेज दिया है। क्षेत्र में पहले से ही एक अमेरिकी विमानवाहक पोत मौजूद है। इससे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ती जा रही है।

हालिया रिपोर्ट में यह बात सामने आ चुकी है कि अमेरिका, कतर के अल-उदीद में अपने सैन्य अड्डे से मिसाइल हमले की तैयारी में भी है। इसके लिए मोबाइल लांचरों पर पैट्रियट मिसाइलों को तैनात कर दिया गया है।

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ओमान के जरिए कूटनीतिक प्रयास

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब तनाव दूर करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। पिछले शुक्रवार को ओमान में दोनों पक्षों में परोक्ष परमाणु वार्ता हुई और इसे आगे जारी रखने पर सहमति बनी है।

न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को गुरुवार को कैरेबियन सागर से पश्चिम एशिया में भेजने का निर्देश दिया गया।

यह युद्धपोत तीन जनवरी को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में शामिल था, जिसमें वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में क्षेत्र में एक और विमानवाहक पोत भेजने का संकेत दिया था।image (17)

ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश

एपी के अनुसार, ट्रंप ईरान पर दबाव बनाने और सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। इन योजनाओं के बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड के पहुंचने से क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत हो जाएंगे। यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और तीन गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत दो सप्ताह से ज्यादा समय से पश्चिम एशिया में तैनात हैं। ट्रंप ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं।

पिछले महीने से गहराता जा रहा तनावपिछले महीने देशभर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की ¨हसक कार्रवाई के बाद अमेरिका के साथ तनाव गहरा गया है और क्षेत्रीय युद्ध का अंदेशा जताया जा रहा है। ट्रंप कई बार ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी युद्धपोत ईरान की तरफ बढ़ रहे हैं और बुरी चीजें होंगी।

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यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोतयूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड 337 मीटर लंबा है। 75 से 90 लड़ाकू विमानों की क्षमता वाले इस युद्धपोत पर करीब पांच हजार सैनिकों की तैनाती हो सकती है। एक लाख टन वजनी यह विमानवाहक पोत उन्नत तकनीकों से लैस है। 2017 में ट्रंप ने ही इस विशाल विमानवाहक पोत को अमेरिकी नौसेना में शामिल किया था।

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