'आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास', जेडी वेंस ने PAK के लिए दिखाया प्यार तो बरसे अमेरिकी सांसद
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के पाकिस्तान के प्रति प्रेम जताने वाले बयान के बाद दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने पाकिस्तान और कतर के आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास याद दिलाया।

स्विट्जरलैंड में जेडी वेंस और शहबाज शरीफ। (फोटो- रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के इस्लामाबाद के प्रति प्यार जताने वाले बयानों के बीच दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने कतर और पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास की ओर इशारा किया है।
सीनेटर रिक स्कॉट ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अब तक सभी को यह साफ हो जाना चाहिए कि हमारे असली दोस्त कौन हैं। कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और अभी वे सार्थक शांति लाने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकी अभियान को बढ़ावा देने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं।"
सीनेटरों ने दिलाई ओसामा बिन लादेन की याद
फ्लोरिडा के सीनेटर की ये बातें स्विट्जरलैंड में वेंस के उस बयान के बाद आईं जिसमें उन्होंने कहा था, "हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं"। वहां वेंस, पाकिस्तान और कतर के नेताओं के साथ मिलकर ईरान के साथ शांति समझौते की तकनीकी बारीकियों पर बातचीत कर रहे थे।
स्कॉट ने कहा, "अभी भी एक ऐसे समझौते की गुंजाइश है जो सबके लिए फायदेमंद हो। लेकिन, सभी को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि ईरान के लिए इस प्रक्रिया से निकलकर परमाणु हथियार बनाने की संभावना बिल्कुल भी नहीं है।"
वहीं, मोंटाना के सीनेटर टिम शीही ने भी फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र किया। शीही ने कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने एक दशक तक बिन लादेन को छिपाकर रखा था। उसने आईएसआई के जरिए अयातुल्ला को फंडिंग दी।"
यूएई और इजरायल को बातचीत में शामिल करने की अपील
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान और कतर बातचीत की मेज पर हैं तो अमेरिका को बातचीत में यूएई, इजरायल और सऊदी अरब को भी शामिल करना चाहिए। शीही ने कहा कि मिडिल ईस्ट में यूएई, इजरायल और सऊदी अरब ही अमेरिका के असली सहयोगी हैं।
मोंटाना के सीनेटर ने यह भी कहा कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता रहा है। शीही ने कहा, "पाकिस्तानियों ने आईएसआई के जरिए हमारे खिलाफ विद्रोहों को फंडिंग दी और बिन लादेन को छिपाकर रखा। इसलिए यह सोचना कि वे यहां निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे, मुझे सही नहीं लगता।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि हमें यह पक्का करना होगा कि हम यूएई और इजरायल के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहें, क्योंकि चाहे कुछ भी हो वे इस क्षेत्र में हमारे सबसे आगे रहने वाले सहयोगी होंगे।"
