सियोल, एपी। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ किसी शिखर वार्ता के लिए इच्छुक नहीं हैं। भविष्य में बातचीत से ठोस नतीजे निकलने की संभावना के मद्देनजर ही ट्रंप, किम से मिलना पसंद करेंगे। पोंपियो ने यह बात वाशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान कही। अमेरिका का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर नकारात्मक रुख अपनाए हुए है।

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम की बहन किम यो जोंग ने गत हफ्ते कहा था कि उनका देश अमेरिका से इस साल कोई वार्ता नहीं करने जा रहा है। ज्ञात हो कि ट्रंप और किम के बीच पहले ही तीन बार मुलाकात हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया पहले अपने परमाणु कार्यक्रम खत्म करे। वहीं उत्तर कोरिया वार्ता से पहले अमेरिका से आर्थिक पाबंदियों में रियायतों की मांग करता आया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने जून 2018 की ट्रंप-किम शिखर वार्ता का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने मिले जुले संकेत दिए है जबकि सच यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप तब ही किसी शिखर वार्ता के बारे में सोचेंगे जब उनको लगेगा कि सिंगापुर में हासिल परिणामों की तरह कोई प्र‍गति हो सकती है। बता दें कि पिछले साल फरवरी में दोनों नेताओं के बीच दूसरी शिखर वार्ता हुई थी।

इसके बाद से बातचीत कमजोर पड़ गई क्‍योंकि अमेरिका ने परमाणु क्षमता कम करने के बदले प्रतिबंधों में बड़ी छूट देने की उत्तर कोरिया की मांग को खारिज कर दिया था। बीते दिनों उत्तर कोरिया ने भी ट्रंप की बात दोहराते हुए कहा था‍ कि वह ट्रंप के साथ तब तक उच्च स्तरीय बैठक नहीं करेंगे जब तक कि उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता दिखाई दे। बता दें कि हाल के दिनों अमेरिका की आपत्तियों के बावजूद किम जोंग-उन मिसाइलों का परीक्षण करते रहे हैं। 

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