वाशिंगटन, प्रेट्र। अफगानिस्तान में एकबार फिर से तालिबान और अलकायदा एकजुट हो रहे हैं। अमेरिका ने इस बात की जानकारी दी है। अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी के बाद भी अमेरिका लगातार तालिबान और उसकी सरकार पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ जनरल मार्क मिले के मुताबिक, अफगानिस्तान से अमेरिका सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान और अलकायदा फिर से एकजुट हो रहे हैं। इससे दुनिया पर आने वाले समय में खतरा बढ़ सकता है।

कुछ दिनों पहले ही न्यूयार्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अलकायदा बहुत तेजी से अफगानिस्तान में फिर से पैर पसार रहा है और अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के बाद यह संकट दोगुना हो जाएगा। अफगानिस्तान में सैन्य कमान संभालने वाले तमाम अमेरिकी अफसर यूएस सीनेट की आर्म्ड फोर्सेस कमिटी के सामने पेश हो रहे हैं। मंगलवार को भी कुछ अफसर इस कमिटी के सामने पेश हुए। इनमें जनरल मार्क मिले भी शामिल हैं। सीनेट की कमेटी ने इन अफसरों से अफगानिस्तान को लेकर कुछ तीखे सवाल किए।

अमेरिका के ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ जनरल मार्क मिले से एक सवाल तालिबान और अलकायदा के रिश्तों को लेकर किया गया। इसके जवाब में मार्क मिले ने कहा कि तालिबान से ये उम्मीद करना बेमानी है कि वो अलकायदा के अपने रिश्ते कभी खत्म करेगा। दरअसल, तालिबान ने अलकायदा से अपने रिश्ते कभी तोड़े ही नहीं थे। उन्होंंने साथ ही कहा कि तालिबान ने दोहा समझौते का पालन नहीं किया है।

अमेरिकी एडमिनिस्ट्रेशन के पास अलकायदा और तालिबान के बीच रिश्तों को लेकर पक्की खुफिया रिपोर्ट्स हैं। इनमें बताया गया है कि तालिबान के हुकूमत पर कब्जा करने के बाद अलकायदा ने तेजी से पैर पसारना शुरू किया है। हालात कितने गंभीर होते जा रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने तालिबान को दी गई वॉर्निंग की जानकारी कमेटी के सामने पेशी के दौरान दी थी। ब्लिंकन ने कहा था- हमने तालिबान को साफ बता दिया है कि अगर अलकायदा की तरफ से अमेरिका के खिलाफ कोई हरकत होती है तो इसकी जिम्मेदारी तालिबान की होगी।

Edited By: Shashank Pandey