ब्रिटेन में खुफिया अलर्ट से डरा अमेरिका, RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अचानक US वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान
अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को एक नई और अज्ञात ...और पढ़ें

अमेरिका ने RAF फेयरफोर्ड से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस बुलाए (फोटो-सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। यूके स्थित एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश के बीच एक नई और अज्ञात धमकी मिलने के बाद अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को तुरंत वापस अमेरिका स्थित होम बेस पर बुला लिया है।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।
विमानों को वापस होम बेस पर भेजा
अमेरिकी अधिकारी ने बताया, हम पुष्टि करते हैं कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को वापस उनके होम बेस पर भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए धमकी की सटीक प्रकृति या विमानों को अचानक हटाने की मुख्य वजह का खुलासा नहीं किया।
एक सूत्र ने इसे बेहद गंभीर और एक वास्तविक घटना करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बॉम्बर्स को क्षेत्र के किसी अन्य यूरोपीय बेस पर भेजने के बजाय सीधे अमेरिका बुलाना एक असामान्य और असाधारण कदम है।
रणनीतिक ठिकाना है RAF फेयरफोर्ड
RAF फेयरफोर्ड अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकाना है। इसका इस्तेमाल लंबी दूरी के हमलों और ईरान के खिलाफ अभियानों में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया जाता रहा है।
यह कार्रवाई एयरबेस की सुरक्षा में सेंध लगाने की कथित ईरानी साजिश के सिलसिले में हुई गिरफ्तारियों के ठीक बाद सामने आई है। ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटक अपराधों के संदेह में 23 से 25 वर्ष की आयु के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया, जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी आलोचना की थी।
इसके अलावा, गुरुवार को इसी साजिश के सिलसिले में 25 वर्षीय एक ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।
दूसरी ओर, ईरान ने इस पूरे मामले में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया है और आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। इस तनाव के बीच तेहरान ने वहां तैनात ब्रिटिश राजदूत को भी तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)
