वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस साल की शुरुआत में चीन के साथ उन्होंने जिस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, अब उसे लेकर उनके विचार बदल गए हैं। इस साल की शुरुआत में जब यह समझौता हुआ था तो उन्होंने इसे ऐतिहासिक करार दिया था। बीजिंग नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी एक बार फिर जाहिर करते हुए उन्होंने चीन पर कोरोना वायरस को फैलने देने का आरोप लगाया।

उल्‍लेखनीय है कि भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा है कि कोरोना ने अमेरिका की चीन पर निर्भरता को समाप्‍त करने की जरूरत की ओर इशारा किया है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि चीन ने मुक्त बाजार के नियमों का दुरुपयोग करके उसे खत्‍म किया है। उन्‍होंने सुझाव दिया कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मुक्त बाजार को नियंत्रित करके इसे मजबूत करना चाहिए।

बता दें कि कोरोना महामारी से अमेरिका सर्वाधिक प्रभावित है। अब तक वहां 92 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 15 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं। इस साल जनवरी में व्यापार समझौते से पहले दोनों देशों के बीच 22 महीने तक ट्रेड वार चला था। समझौते के तहत बीजिंग ने 2020-2021 में अमेरिकी उत्पादों की खरीद 200 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'तीन महीने पहले मैं इस समझौते को लेकर जो सोचता था, वह अब बदल गया है। देखते हैं आगे क्या होता है। फिलहाल हालात बहुत ही निराशाजनक हैं। चीन ने बहुत निराश किया है, क्योंकि एक महामारी फैली जो कि नहीं फैलनी चाहिए थी और इसे रोका जा सकता था।'

उन्होंने कहा कि जब यह समझौता हुआ था तो वह बहुत उत्साहित थे, लेकिन फिर वायरस आ गया। उन्होंने ऐसा कैसे होने दिया? और यह चीन के दूसरे इलाकों में कैसे नहीं पहुंचा? उन्होंने इसे वुहान से बाहर निकलने से कैसे रोका? लेकिन उन्होंने इसे अमेरिका समेत बाकी दुनिया में जाने से नहीं रोका, ऐसा क्यों? बीजिंग में तो यह नहीं फैला, अन्य स्थानों पर भी नहीं। ट्रंप ने चीन के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। 

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